
भोपाल। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को राजधानी में जुलूस अमनो-अमान और पारंपरिक उत्साह के साथ निकाला गया। इतवारा से शुरू हुआ जुलूस इस्लामपुरा, बैण्ड मास्टर चौराहा, मोहम्मदी मस्जिद, बुधवारा चार बत्ती, सुल्तानिया रोड, इब्राहिमपुरा और मोती मस्जिद होते हुए गवर्नर रोड से पीरगेट पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
जुलूस में दर्जनों झंडे-बैनर, ढोल-नगाड़े, बग्गियां और घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। चार अखाड़ों के उस्ताद और खलीफा भी जुलूस में शामिल हुए। विभिन्न चौराहों पर अखाड़ों के सदस्यों ने पारंपरिक करतब दिखाए। चौराहों पर उस्तादों और खलीफाओं का साफा बांधकर इस्तकबाल किया गया।
उस्ताद तिगड़म खां का हुआ इस्तकबाल
इंटरनेशनल अखाड़े के उस्ताद तिगड़म खां लखनऊ से सड़क मार्ग से भोपाल पहुंचे। बुधवारा स्थित मोहम्मदी मस्जिद में असर की नमाज के बाद लोगों ने उनसे मुलाकात कर मुजाफा किया। शमशुल हसन बल्ली ने लोगों को कतारबद्ध कर मुलाकात कराई। इस दौरान उस्ताद तिगड़म खां भावुक नजर आए।
जुलूस में शामिल होने के बाद उन्होंने शमशुल हसन को एक लिफाफा देने की कोशिश की। शमशुल हसन ने कहा कि मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के कन्वीनर जीशान रहमान उनके बेटे की तरह हैं, इसलिए लिफाफा उन्हें दिया जाए। इस पर उस्ताद तिगड़म खां ने कहा कि उनके जाने के बाद लिफाफा खोला जाए। उनकी अगवानी में मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष हिफजुर रहमान (छोटे मियां) भी शामिल हुए। इसके बाद तिगड़म खां सूमो से जावरा रवाना हो गए।
अमन-शांति की दुआ के साथ समापन
मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष हिफजुर रहमान (छोटे मियां) ने बताया कि जुलूस में चार अखाड़े शामिल रहे और अलग-अलग चौराहों पर करतब प्रस्तुत किए। पीरगेट पहुंचने पर मौलवी इशाक साहब ने जुलूस का समापन कराया। इस दौरान अल्लाह तआला से अमन, शांति और सभी की खुशहाली के लिए दुआ की गई।
जुलूस के दौरान रहमान ने कहा कि हर मां की इच्छा होती है कि उसका बेटा नबी-ए-पाक हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नक्शे-कदम पर चले।
