ईरान से 119 मिलियन डॉलर का तेल सौदा पड़ा भारी, ट्रंप प्रशासन ने 4 भारतीय कंपनियों पर लगाया बैन

वाशिंगटन, ईरान से तेल व पेट्रोकेमिकल आयात करने के आरोप में भारत की 4 कंपनियों और 3 नागरिकों पर अमेरिका ने सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अमेरिकी सरकार ने ईरान के फाइनेंसियल सोर्सेज को बंद करने के लिए भारत की चार कंपनियों के खिलाफ बैन की घोषणा की।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने तेहरान को आर्थिक रूप से अलग करने के लिए सोमवार को एक नए कड़े वैश्विक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत ईरान के लिए तेल व्यापार से होने वाली भारी आमदनी को रोकने के लिए इन भारतीय कंपनियों को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

अमेरिकी विदेश विभाग का आरोप
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, ये भारतीय कंपनियां ईरान से कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के अवैध आयात में लिप्त थीं। आरोप है कि इन कंपनियों ने ईरान के सरकारी तेल नेटवर्क के साथ मिलकर करीब 119 मिलियन डॉलर का व्यापारिक लेनदेन किया।

इस कार्रवाई में न केवल भारत की कंपनियों को बल्कि इन कंपनियों से जुड़े भारतीय नागरिकों को भी व्यक्तिगत रूप से प्रतिबंध का निशाना बनाया गया है। इस अमेरिकी फैसले के बाद से भारतीय बाजार में इस नए प्रतिबंध को लेकर काफी गहरी चिंता और बड़ी राजनीतिक हलचल देखी जा रही है।

प्रतिबंधित भारतीय कंपनियां
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस प्रतिबंध के दायरे में आने वाली चार भारतीय कंपनियां इस अवैध सौदे में सीधे तौर पर शामिल हैं। इन कंपनियों में मुख्य रूप से सदाशिव ओवरसीज, पीपी सॉफ्टटेक, प्रकृतिस इन्फ्रा और कस्टम ब्रोकर पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी के नाम हैं।

इनमें से सदाशिव ओवरसीज लिमिटेड ने फरवरी 2024 से जून 2025 के बीच ईरान से करीब 6.9 करोड़ डॉलर के तेल का आयात किया था। वहीं पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृतिस इन्फ्रा ने भी ईरान के सरकारी तेल नेटवर्क से करीब 2.5-2.5 करोड़ डॉलर के पेट्रोलियम उत्पाद खरीदे हैं।

भारतीय नागरिकों पर कार्रवाई
इसके साथ ही पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी पर ईरान से पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की कई शिपमेंट को भारत लाने में कस्टम ब्रोकर के तौर पर मदद का आरोप है। कार्रवाई की जद में आए तीन भारतीय नागरिकों में पोर्टईज पार्टनर्स के इंदरीसमिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रंगी शामिल हैं।

वहीं पीपी सॉफ्टटेक के निदेशक प्रशांत गर्ग को भी अमेरिकी विभाग द्वारा जानबूझकर इस अवैध तेल कारोबार में शामिल होने के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया। ट्रंप सरकार ने अन्य देशों को भी चेतावनी दी है कि वे तय समय-सीमा के भीतर तेहरान के साथ अपने व्यापारिक रिश्ते पूरी तरह खत्म कर लें।

Next Post

20 साल बाद लौट रही है Mitsubishi Pajero, ऑफ-रोडिंग लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी

Wed Aug 26 , 2026
मुंबई, ऑफ-रोडिंग SUV की दुनिया में अगर किसी नाम ने सालों तक राज किया है तो वो Mitsubishi Pajero है। जिसकी मजबूत बॉडी, शानदार 4×4 क्षमता और कठिन रास्तों पर बेहतरीन काम करता है। ऑफ-रोडिंग SUV की दुनिया में अगर किसी नाम ने सालों तक राज किया है तो वो […]

You May Like