जिला चिकित्सालय में माइक्रोबायोलॉजी लैब का उद्घाटन 

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मंगलवार को जिला चिकित्सालय में नवीन माइक्रोबायोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कलेक्टर सिंह ने कहा कि नवीन माइक्रोबायोलॉजी लैब के शुरू होने से जिला चिकित्सालय में कल्चर टेस्ट की सुविधा उपलब्ध हो गई है। यह सुविधा निश्चित रूप से आमजन के लिए लाभदायक होगी। अब आधुनिक मशीनों के माध्यम से विभिन्न जांचें शीघ्र की जा सकेंगी, जिससे मरीजों को उपचार प्राप्त करने में सुगमता होगी।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि छोटे बच्चों में संक्रमण की जांच के लिए कल्चर टेस्ट की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं होने के कारण रोगी कल्याण समिति से लगभग एक लाख रुपए व्यय कर निजी लैब के माध्यम से जांच कराई जा रही थी। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. आरपी परमार एवं समस्त स्टाफ के सहयोग से तत्परता से माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित की गई है। अब कल्चर टेस्ट के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अब आधुनिक मशीनों के माध्यम से संपूर्ण जांचें शीघ्र होंगी। मरीजों को उपचार सुगमता से प्राप्त होगा।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिला चिकित्सालय देवास में बेहतर व्यवस्था एवं प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन एक कार्यपालिक दण्डाधिकारी द्वारा सुपरविजन एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए कुशल प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला के नेतृत्व में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है। हमारा पूरा प्रयास है कि नवीन लैब सहित अस्पताल की सभी सुविधाओं का लाभ आमजन को मिले।

सिविल सर्जन डॉ. परमार ने बताया कि शासन की मंशानुसार प्रत्येक जिले में आईपीएचएल (इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी) स्थापित की गई है, जिसमें पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री की विभिन्न जांचों को केंद्रीकृत किया गया है। नवीन माइक्रोबायोलॉजी लैब में कल्चर एवं सेंसेटिविटी टेस्ट किए जा सकेंगे। लैब के आवश्यक उपकरण कलेक्टर के निर्देश पर रेडक्रॉस के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। डॉ. परमार ने बताया कि अब कल्चर टेस्ट के लिए आउटसोर्सिंग पर होने वाला रोगी कल्याण समिति का बजट अन्य आवश्यक गतिविधियों में उपयोग किया जा सकेगा। इससे अस्पताल में मरीजों के लिए अन्य सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।

 

उन्होंने कलेक्टर सिंह के निर्देशन में रेडक्रॉस के 80 प्रतिशत अनुदान से प्राप्त 16 लाख रुपये लागत की लॉन्ड्री मशीन के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के निर्देशन में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क रक्ताधान के साथ 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रारंभ की गई है। यह अभिनव पहल मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आपातकालीन परिस्थितियों में रेडक्रॉस द्वारा रक्त उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य भी किया जा रहा है।

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