
राहतगढ़। थाना क्षेत्र के ग्राम कठोंदा फाजलपुर में सोमवार शाम को वन जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया। इसमें खेमचंद अहिरवार ने कुल्हाड़ी से हमला कर बाबूलाल आदिवासी (45) और उनके पिता पूरन आदिवासी (65) की हत्या कर दी। विवाद के दौरान आरोपी पक्ष की दो महिलाएं भी घायल हुई है।
आदिवासी परिवार के दो लोगों की हत्या से मचा हड़कंप
पुलिस के अनुसार ग्राम कठोंदा फाजलपुर में वन विभाग की जमीन पर आदिवासी परिवार का कब्जा था। वह इस जमीन का लंबे समय से उपयोग कर रहा था।वोवहीं अहिरवार समाज के लोग उस जमीन पर अपना दावा कर रहे थे, इसके लिए आदिवासी परिवार को कब्जा हटाने का दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। सोमवार की दोपहर करीब 1.30 बजे पूरन आदिवासी तलैया के पास मवेशी चरा रहे थे और उनका बेटा बाबूलाल आदिवासी लचक्याई वाले खेत के पास बकरियां चरा रहा था।
अचानक दोनों पक्ष आमने-सामने आए, फिर जानलेवा हमला किया
आरोपित खेमचंद, पत्नी सीमा, बेटी पूजा और साला रामस्वरूप ने जान से मारने की नीयत से गाली गलौज करते हुए पिता पुत्र पर हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद भी आरोपी लगातार वार करते रहे। मौके पर पड़ोस के खेत वाले लक्ष्मी लोधी और मुलायम आदिवासी के पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग निकले। दोनों घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल राहतगढ़ ले जाया गया। जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
इस खूनी झड़प के दौरान आरोपी पक्ष ओर से सीमा अहिरवार (42) और की 17 वर्षीय पूजा अहिरवार भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलने पर राहतगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतकों के आरोपित खेमचंद अहिरवार को हिरासत में ले लिया है।
