जोशीमठ, उत्तराखंड के जोशीमठ स्थित ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति पर दिए गए बयान को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों को सतही समझ और सनातन परंपरा के प्रति दुर्भावनापूर्ण सोच करार देते हुए कहा कि किसी भी प्राचीन ग्रंथ के श्लोकों को उनके मूल संदर्भ से हटाकर पेश करना और बिना गहन अध्ययन के टिप्पणी करना अनुचित है।
सनातन परंपरा और नारी का सम्मान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी द्वारा उद्धृत किए गए श्लोक का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि इसे महिलाओं की परतंत्रता से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने संस्कृत व्याकरण का हवाला देते हुए बताया कि इसमें महिला की सुरक्षा, सम्मान और भरण-पोषण के दायित्व की बात कही गई है। साथ ही, उन्होंने भारतीय वांग्मय में गार्गी और मैत्रेयी जैसी ऋषिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति हमेशा से परस्पर पूरकता और नारी के उच्च सम्मान पर आधारित रही है।
राजनीतिक नैरेटिव और चेतावनी
जगद्गुरु ने राहुल गांधी के उस राजनीतिक नैरेटिव को भी खारिज किया जिसमें बीजेपी को मनुस्मृति से जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत पूरी तरह संविधान के अनुसार चलता है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चेतावनी दी कि राहुल गांधी को अपनी हिंदू विरोधी और शास्त्र विरोधी बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है।

