विजय शर्मा
भोपाल: ना तो पार्क है और ना ही सामुदायिक भवन, जबकि एक एकड़ शासकीय भूमि भी खाली पड़ुी है. पार्षद ने कभी यहां के विकास की सोची ही नहीं है. यह कहना है वहां के रहवासियों का. वार्ड 26 में स्थिति यह है कि उन्होंने पार्षद को कभी देखा ही नहीं है. वहीं उसका नाम तक नहीं जानते है. बस चुनाव के समय कभी आई हो तो वह भी नहीं पता. इस वार्ड में लगभग 50 से अधिक कालोनी हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्र अधिक है. यह वार्ड लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्रफल मे फैला हुआ है. जिसमें अधिकतर कॉलानी बिना टीएनसीपी और परमिशन के बनी हुई है. जिससे कालोनियों का विकास ठीक तरह से नहीं हो पाया गया है. सूरज नगर, बोरा गांव, बिसलखेड़ी, बरखेड़ी कला, बरखेड़ी खुर्द, नीलबड़ सहित अन्य नई कॉलानियों की बसाहट है.
यहां पर नलों की लाइन बिछी लेकिन कम दबाव से पानी आता है. जिस वजह से जनता को परेशानी हो रही है. वहीं सडक़ों की स्थिति भी खराब है. झाडू़ तो कभी लगाने ही नहीं आते हैं. कचरा वाहन आता है जो कि ठहरता नहीं जिससे कचरा दे नहीं पाते हैं और उसे सडक़ पर ही फेंकना पड़ता है. वार्ड में दोनो राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी कभी सुध लेने नहीं आते हैं. वहीं संपत्ति कर में हर साल बढ़ोत्तरी की जा रही है. पिछले साल जितने किए थे इस बार उससे एक हजार रुपए बढक़र भेज दिया. सुविधाओं के नाम पर तो कुछ नहीं दे रहे हैं लेकिन नगर निगम कचरा, सफाई और अन्य टेक्स बराबर ले रही है.
-प्रेम नगर में सडक़ों गड्डे
इस वार्ड में प्रेम नगर मुख्य मार्ग से रास्ता जाता है लेकिन उसकी स्थिति एैसी है कि एक फिट तक गड्डे हो रहे हैँ. जिस पर पैदल चलना भी मुश्किल है, और जब बारिश हो जाए तो तो वाहनों को निकलना और भी खतरनाक हो जाता है. एक तो कच्चा रास्ता ऊपर से गड्डे फिर उनमें पानी भरना तो फिर दो पहिया वाहन तो निकलना ही मुश्किल हो जाता है. कई बार तो फिसलने से वाहन चालक भी घायल हो चुके हैं. लेकिन यहां पर सडक़ और नाली का अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया .
-बरखेड़ी खुर्द में नहंी नहीं लगती है झाड़ू
बरखेड़ी खुर्द में भी यह स्थिति है कि वहां पर सडक़ें उखड़ रही है. सडक़ों पर धुल उड़ती है. सडक़ पर गिट्टी होने से दो पहिया वाहन चालक को गिरने का भय रहता है. वहीं नालियों की सफाई कभी नही की जाती है. झाड़ू लगती नहीं है. वहीं यहां पर नाले की कभी सफाई नहीं की गई. कचरे से भरा हुआ है.
– पानी और सीवेज की लाईन बिछाई जा रही है.
वार्ड क्रमांक 26 अतिक्रमण हटवा कर वार्ड कार्यालय बनाया पूरी बिल्डिंग वार्ड के बीचो-बीच बनाईं जा रही है जिसमें सुचारू रूप से चल रहा है पूरे वार्ड में इस समय सीवेज नेटवर्क का कार्य चल रहा है.अमृत 2.0 के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है और इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पानी की टंकी बनाई जा रही है. शासकीय स्कूलों में भी काम कराया गया. अनेक स्थान पर सडक़ों का विकास कार्य किया गया. पूरा क्षेत्र नया विकसित हो रहा है इस वार्ड के अंदर काम करने की अपार संभावना है. जबकि दो वार्ड के बराबर क्षेत्रफल है. लेकिन लगातार हमारी सक्रियता बनी हुई है.
राजमनि उईके, भाजपा पार्षद वार्ड 26
रहवासियों का समस्याओ को लेकर कहना है.
कचरे की गाड़ी नहीं रुकते, इसलिए बाहर ही फेंकना पड़ता है, झाड़ू लगती नही है. नाली अधूरी पड़ी है.
फ्रीडा फेरी. रहवासी, बरखेड़ी कला,
झाड़ू नहीं लगती, सफाई के लिए कभी कोई नहीं आता है कचरा वहां, नलों में बहुत धीमा आता है ,
जमुना यादव, रहवासी, बरखेड़ी खुर्द
हमारे यहां झाड़ू नहीं लगता है, पार्क की जगह खाली पड़ी है लेकिन बनवाया नहीं गया है. जिससे बच्चों को खेलने के लिए सडक़ पर निकलना पड़ता है.
कुंजीलाल मारन. रहवासी बरखेड़ी खुर्द,
सामुदायिक भवन के लिए जगह तो काफी है लेकिन अभी तक नहीं बनवाया गया, छोटे छोटे आयोजनों के लिए यहां के रहवासियों को परेशान होना पड़ता है, नालियों की सफाई खुद ही करनी पड़ती है,
अमृत लाल यादव, रहवासी, बरखेड़ी खुर्द,
सडक़ों की स्थिति खराब है, गिट्टी वाली सडक़ है उसमे बड़े बड़े गड्डे हो गये हैं जिससे आम दिनों तो परेशानी होती ही है लेकिन बारिश के दौरान तो निकलना दूभर हो जाता है.
आदित्य शर्मा, दुकान सांचला प्रेम नगर
संपति कर बढ़ता जा रहा है इसबार एक हजार रूपये बढ़ाकर भेजा है, स्वयं ही सफाई करवाना पड़ती है, कचरा वाहन खराब होने का बहाना बनाते हैं, आता ही नहीं हैॅ. उद्यान की भूमि आरक्षित है लेकिन निर्माण नहीं किया गया.
दीपेंद, रहवासी, विश्वकर्मा नगर
सफाई होती नहीं है. कचरा वाहन नहीं आने से आठ दिन तक घरों रखना पड़ता हैउसके बाद फिर बाहर ही फेंकना पड़ता है. खाली प्लाट में पानी भरने से मच्छर पनप रहे हैं. डेंगे मलेरिया का खतरा बढ़ रहा है.
एस एस गहरवार, रहवासी विश्वकर्मा नगर
कचरा उठता नहीं है. सफाई होती नहीं है. नाली हैं नहीं जिससे बारिश का पानी सडक़ों पर ही बहता है. सडक़ें उखड़ रही हैं.
अभिषेक, रहवासी, ब्रहमपुरी कालोनी,
हमारे कॉलोनी में ना ही सडक़ें बनी हैं और ना झाड़ू लगती है. उबड़ खाबड़ रास्ते होने से पैदल चलना मुश्किल है. कचरा वाहन जरुर आता है.
नितिन, रहवासी, विशाल नगर
