नई दिल्ली, आगामी त्योहारी सीजन के दौरान देश में चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने ड्यूटी-फ्री कच्ची चीनी के आयात नियमों में संशोधन करते हुए एक नया ‘रोलिंग सिस्टम’ लागू किया है। इसके तहत अब व्यापारियों को बंदरगाह पर चीनी उतरने और बिल ऑफ एंट्री दाखिल होने के ठीक दो महीने (60 दिन) के भीतर उसे रिफाइंड कर भारतीय बाजार में बेचना अनिवार्य कर दिया गया है।
जमाखोरी पर लगाम और नई समयसीमा
पहले यह छूट 31 अक्टूबर तक के लिए थी, जिससे कुछ व्यापारी चीनी का स्टॉक करके सट्टेबाजी और जमाखोरी कर रहे थे। इस खामी को दूर करते हुए सरकार ने निश्चित अंतिम तिथि को हटाकर दो महीने की यह नई समयसीमा तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी त्योहारी सीजन का फायदा उठाने के लिए चीनी को गोदामों में दबाकर नहीं रख पाएगा, जिससे बाजार में इसकी निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
दामों में स्थिरता की उम्मीद
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, हाल ही में बढ़े दामों की मुख्य वजह वास्तविक कमी नहीं बल्कि जमाखोरी थी। सरकार के इस कड़े कदम से बाजार में चीनी की जमाखोरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतें स्थिर रहेंगी और आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।

