इंदौर:राह चलते लोगों से मोबाइल झपटने वाले गिरोह का वारदात के 12 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से झपटमारी के 16 मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल बाइक और ऑटो बरामद किए हैं. बरामद सामान की कुल कीमत करीब छह लाख रुपए बताई गई है.रविवार की मध्यरात्रि पुलिस को सूचना मिली थी कि कैलोद फाटा सर्विस रोड पर एक ऑटो और बाइक के पास चार संदिग्ध युवक खड़े हैं. वे राहगीरों से लूटपाट और मोबाइल झपटमारी की वारदात करने की तैयारी में हैं. सूचना मिलते ही तेजाजीनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया. पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें दबोच लिया. तलाशी और पूछताछ में आरोपियों के कब्जे से 16 मोबाइल मिले. इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल बाइक और ऑटो भी जब्त किया. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नशे की लत पूरी करने के लिए वे राह चलते लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल झपटते थे.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम गोविंद राठौर निवासी शिव पार्वती नगर, यश सोनकर, दुर्गेश डागर निवासी देवनगर पलासिया और युवराज अरमोर बताए गए हैं. जांच में सामने आया कि आरोपियों का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड है. गोविंद राठौर के खिलाफ तेजाजीनगर थाने में आबकारी के अलावा अन्य मामले दर्ज हैं. वहीं दुर्गेश डागर के खिलाफ विभिन्न थानों में कई प्रकरण दर्ज होना सामने आया है, जिनमें महिला संबंधी अपराध भी शामिल हैं. पुलिस अब बरामद 16 मोबाइल के वास्तविक मालिकों की जानकारी ले रही है.
पुलिस कर रही पूछताछ
आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगा रही है कि बरामद मोबाइल किन वारदातों से जुड़े हैं और गिरोह ने अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है. मामले में डीसीपी जोन 1 नरेन्द्र सिंह रावत ने नव भारत को बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य वारदातों का पता लगाया जा रहा है. इनके संपर्क में रहे लोगों और चोरी के मोबाइल खपाने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है. पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाकर आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
