
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (वार्ता) भारत-चीन के बीच तनाव कम करने तथा द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के प्रयासों के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को बीजिंग पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सीमा मुद्दे पर भारत के विशेष प्रतिनिधि डोभाल और चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग मंगलवार को विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के 25वें दौर की बैठक करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान श्री डोभाल का चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।
विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, “चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर भारत-चीन सीमा प्रश्न पर भारत के विशेष प्रतिनिधि और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज दोपहर दो दिवसीय यात्रा पर बीजिंग पहुंचे।” यह वार्ता 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद संबंधों को सामान्य बनाने के लिए दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों के किये जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। उस घटना के बाद हिमालयी सीमा पर दोनों देशों के बीच लंबा सैन्य गतिरोध पैदा हो गया था। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के कई टकराव वाले बिंदुओं से दोनों पक्षों के सैनिकों की वापसी शुरू किये जाने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के इतर बैठकें की हैं। श्री डोभाल और श्री वांग की इससे पहले जून में नयी दिल्ली में ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान मुलाकात हुई थी। भारत ने उस समय कहा था कि बातचीत ‘रचनात्मक और भविष्योन्मुखी’ थी और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में प्रगति की समीक्षा की थी। दोनों देशों ने अपने संबंधों को संभालने में आपसी सम्मान और संवेदनशीलता के महत्व पर जोर देते हुए अपने मतभेदों को बड़े विवादों में बदलने से रोकने का प्रयास किया है। सीमा वार्ता का यह ताजा दौर ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत-चीन सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय प्रभाव पर लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक मतभेदों को संभालते हुए हालिया राजनयिक गति को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
