
रीवा। ग्रामीण क्षेत्रो में जहा आवारा गौवंश किसानो की फसलो को चौपट कर रहे है. वही शहर के अंदर आवारा गौवंश धमाचौकड़ी मचा रहे है.
शहर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गो में घूमते हुए देखे जा सकते है. शहर के सबसे व्यस्त शिल्पी प्लाजा में भी आवारा गौवंश घूमते रहते है और खरीददारी के लिये आने वाले लोगो को खदेड़ लेते है. नगर निगम की जिम्मेदारी है कि आवारा गौवंश को पकड़ कर गौशाला तक पहुंचाए. इसके अलावा जो पशु पालक अपने गौवंश को सडक़ो में छोड़ रहे है उन्हे चिन्हित कर जुर्माना की कार्यवाही की जाय. लेकिन कही भी जुर्माने की कार्यवाही नही होती है. शहर में कई बैल ऐसे है जो लोगो को अपना शिकार बना रहे है. प्रकाश चौराहा सब्जी मंडी के अंदर, फोर्ट रोड़, मृगनयनी चौराहा एवं साई मंदिर के सामने अक्सर बैल लोगो को दौड़ा लेता है. कई बार स्थानीय दुकानदारो ने इसे खदेड़ा भी लेकिन फिर उसी स्थान पर पहुंच जाता है. नगर निगम में अगर शिकायत की जाती है तो कोई कार्यवाही नही होती है जबकि गौवंश को पकडऩे की गाड़ी के साथ सभी संसाधन उपलब्ध कराए गये है.
