धनंजय श्रीवास्तव
जबलपुर: शिवपुरी की गलियों से शुरू हुआ सफर बी एच यू की पढ़ाई, दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी और फिर भारतीय रेल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक मेहनत, अनुशासन और लगातार आगे बढ़ने की सोच ने शशांक गुप्ता को रेलवे के वाणिज्यिक विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचाया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक का पद संभालने के बाद अब उनकी प्राथमिकताओं में जबलपुर मंडल की आय बढ़ाने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और स्टेशनों के विकास को गति देना शामिल है। खास बातचीत में उन्होंने मंडल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात की।
प्रश्न : आपकी व्यक्तिगत जीवन यात्रा कैसी रही ?
उत्तर : मेरा जन्म शिवपुरी में हुआ और प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं हुई। इसके बाद BHU से इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई की। आगे यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली गया। तैयारी के दौरान काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था। निरंतर प्रयास और लगन के परिणामस्वरूप यूपीएससी में सफलता मिली। मेरे पिता डॉ. आर.एस. गुप्ता शिवपुरी के जाने-माने चिकित्सक रहे हैं। उनसे सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना सीखने को मिली।
प्रश्न : नये दायित्व को लेकर आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं ?
उत्तर: रेलवे में वाणिज्यिक विभाग सीधे यात्रियों और राजस्व दोनों से जुड़ा है। हमारा प्रयास रहता है कि यात्री सुविधाएं बेहतर हों और रेलवे की आय में भी लगातार वृद्धि हो। वित्तीय वर्ष 2025-26 जबलपुर मंडल के लिए इसी दृष्टि से बेहद सफल रहा है।
प्रश्न : मंडल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही ?
उत्तर : वर्ष 2025-26 में मंडल से 429.42 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जो पिछले वर्ष के 403.26 लाख की तुलना में 6.49 प्रतिशत अधिक है। यात्री संख्या के लिहाज से यह मंडल का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यात्री आय भी बढ़कर ₹981.50 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.16 प्रतिशत अधिक है।
प्रश्न : माल परिवहन और कुल राजस्व के मोर्चे पर क्या स्थिति रही?
उत्तर : गुड्स रेवेन्यू में भी काफी अच्छी वृद्धि हुई। वर्ष 2025-26 में माल परिवहन से ₹4,259.56 करोड़ की आय हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.91 प्रतिशत अधिक है। सभी स्रोतों से मंडल की कुल आय करीब ₹5,470 करोड़ रही। यह उपलब्धि टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
प्रश्न : टिकट चेकिंग में भी जबलपुर मंडल का प्रदर्शन बेहतर रहा ?
उत्तर : बिल्कुल। टिकट चेकिंग में मंडल ने पश्चिम मध्य रेल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वर्षभर में 8.21 लाख मामले पकड़े गए और ₹59.75 करोड़ का राजस्व हासिल हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में 20.43 प्रतिशत और आय में 26.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमारा उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण और रेलवे की आय की सुरक्षा करना है।
प्रश्न : टिकटिंग व्यवस्था को कितना डिजिटल किया गया है?
उत्तर : डिजिटल टिकटिंग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। मंडल में 18 स्थानों पर 73 नए एटीवीएम लगाए गए। एटीवीएम से जारी अनारक्षित टिकटों की हिस्सेदारी 40.89 प्रतिशत रही, जबकि मोबाइल टिकटिंग की हिस्सेदारी 17.09 प्रतिशत रही। इससे यात्रियों को टिकट लेने में समय की बचत हो रही है और स्टेशनों पर भीड़ को कम करने में मदद मिल रही है।
प्रश्न : नई ट्रेनों और माल ढुलाई के नए क्षेत्रों से क्या फायदा हुआ?
उत्तर : दो नई ट्रेनों—रीवा-हडपसर साप्ताहिक सुपरफास्ट और जबलपुर- रायपुर इंटरसिटी से यात्रियों को नई कनेक्टिविटी मिली। माल ढुलाई में भी नए क्षेत्रों पर काम किया गया। यूसीएलएम साइडिंग से बल्क सीमेंट और बघवार से क्लिंकर लोडिंग शुरू हुई। बघवार और मझौली में दो नए गुड्स शेड भी शुरू किए गए हैं। मंडल के सभी 24 पात्र गुड्स शेड चौबीसों घंटे संचालित किए जा रहे हैं।
प्रश्न : यात्री सुविधाओं और स्टेशन विकास को लेकर क्या काम हुए हैं?
शशांक गुप्ता : यात्री सुविधाओं को हमारी प्राथमिकता में रखा गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ब्योहारी, गाडरवारा, नरसिंहपुर, मैहर और सिहोरा रोड सहित पांच स्टेशनों का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण पूरा किया गया है। इसके अलावा 49 स्टेशनों को दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं के अनुरूप तैयार किया गया। 19 नए प्लेटफॉर्म, 25 प्लेटफॉर्म कवर और चार नए एफओबी का निर्माण भी हुआ है। वर्ष 2025-26 में 1,693 डिजिटल दिव्यांगजन रियायत कार्ड जारी किए गए। अब दिव्यांगजन घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्ड डाउनलोड कर यात्रा में उपयोग कर सकते हैं।
प्रश्न : अब जबलपुर स्टेशन के रीडेवलपमेंट पर क्या कहना चाहेंगे?
उत्तर : जबलपुर स्टेशन लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंडल रेल प्रबंधक कमल तलरेजा के मार्गदर्शन में स्टेशन की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम हो रहा है। स्टेशन के रीडेवलपमेंट की दिशा में भी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। जल्द ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आने वाले समय में जबलपुर स्टेशन का स्वरूप और यात्री सुविधाएं दोनों बड़े स्तर पर बदलेंगी।
