इंदौर. खाद्य विभाग शहर की बड़ी-बड़ी होटलों, कॉलेज और अन्य संस्थानों में निरीक्षण कर अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन शहर की सैकड़ों छोटी होटल और खान-पान की दुकानों को नजरअंदाज कर रहा है. क्या गरीब और मजदूर वर्ग की थाली में परोसा जाने वाला खाना जांच के दायरे से बाहर है? जबकि, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (एफएसएसएआई) के तहत छोटे-बड़े सभी खान-पान संस्थान जांच के दायरे में आते हैं और नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं.
त्योहारों के बीच फूड विभाग खाद्य सुरक्षा को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है. बड़ी होटल और निजी संस्थानों में निरीक्षण कर सैंपल लिए जा रहे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन सवाल यह है कि शहर की छोटी होटल, नाश्ते की दुकानों और खुले में खाद्य सामग्री बेचने वालों तक विभाग की नजर नहीं पहुंच रही है. सरवटे बस स्टैंड, गंगवाल बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मिल क्षेत्र चौराहा, ट्रांसपोर्ट नगर, बड़ी भमोरी, भंवरकुंआ, गीता भवन, भोलाराम उस्ताद मार्ग और देवास नाका जैसे इलाकों में रोज हजारों मजदूर, आम नागरिक और छात्र-छात्राएं भोजन करते हैं. यहां खुले में बिकते समोसे, कचोरी, पराठे और सैंडविच के साथ लोकल चटनी-सॉस की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच आखिर कौन करेगा? खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों की अनदेखी क्यों?
नव भारत ने जब इन स्थानों पर जाकर देखा और जानकारी जुटाई तो इसमें सरवटे क्षेत्र की होटलों के आसपास गंदगी, खुली नालियां और सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए. कहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर तक असुरक्षित तरीके से रखे मिले. जरूरत है कि नगर निगम और फूड विभाग संयुक्त अभियान चलाकर छोटे-बड़े सभी खान-पान केंद्रों की जांच करें. कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति न हो, बल्कि ऐसी हो, जिससे कारोबारियों में नियमों का वास्तविक डर पैदा हो.
इनका कहना है…
बड़ी संस्थाओं में खराब बर्तन ढूंढना, सॉस, जंक फूड उठाना, तारीफ का काम नहीं, बल्कि विभाग छोटी होटलों में जाए. होटल के अंदर और बाहर गंदगी का क्या आलम रहता है, इसे देखे.
– नवीन तंबोली, ट्रैवल संचालक
तेल सबसे ज्यादा हार्मफुल होता है, अगर आहार गृह में तेल मिलावटी या खराब हो तो उससे गंभीर बीमारी होती है, अधिकांश छोटे होटलों, रेस्टोरेंट में यही तेल उपयोग होते मिल जाएगा, ऐसे स्थानों की भी जांच की जाए.
– देवीलाल, आम नागरिक
प्रतिदिन हम जैसे सैकड़ों रेल और बस यात्री शहर में पहुंचते हैं और खाने के लिए आसपास की होटलों में ही जाते हैं. खराब आहार होने से स्वास्थ्य को खतरा होता है.
– शाहरुख खान, यात्री
