रीवा: बाढ़ आपदा के बाद अब सबसे बड़ी समस्या हाइवे एवं सडक़ो में बैठ रहे गौवंश है. जलभराव के बाद सबसे बड़ी समस्या सडक़ों पर बैठ रहे गौवंश है. बारिश के चलते पानी भर जाने से गौवंश सडक़ों पर आराम फरमा रहे है.हाइवे एवं शहर की माडल सडक़ पर गौवंश बैठे रहते है जिसके चलते आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसे हो रहे है. दूध निकालने के बाद पशु पालक गौवंश को छोड़ देते है, जुर्माने का नियम भी है लेकिन जुर्माना न होने के कारण पशु पालक गौवंश को घरों में रखने के बजाय सडक़ो में छोड़ रहे है.
हाइवे एवं चोरहटा-रतहरा माडल सडक़ में गौवंश उसी स्थान पर बैठे मिलते है जहा दोनो तरफ बस्ती है. बाहर के आवार गौवंश नही है स्थानीय लोगो के ही गौवंश है जो दूध निकालने के बाद छोड़ देते है. जहा-जहा बस्ती है केवल वहीं सडक़ो पर गौवंश मिलते है. हालत यह है कि रतहरा से चोरहटा बाईपास तक हर 100 मीटर में गौवंश बैठे रहते है. सबसे ज्यादा दिक्कत एजी कालेज मोड़ से लेकर चोरहटा तक है. रात के अंधेरे में गौवंश दिखाई नही देते और वाहन उनके ऊपर चढ़ जाते है, जिसमें दोनो का नुकसान होता है. नगर निगम के पास गौवंशों को पकडऩे का वाहन और दल है, लेकिन कोई कार्यवाही नही की जाती. जबकि रात में गौवंश को पकडऩे के निर्देश है. सडक़ के अलावा शहर के मुख्य मार्गो में भी गौवंश घूम रहे है. नगर निगम केवल फोटो खिंचाने तक सीमित रह गया है. खरीददारी करने वाले लोग भी गौवंश से परेशान है.
