छतरपुर। बमीठा थाना क्षेत्र के सूरजपुर गांव में अंधविश्वास का मामला सामने आया है। यहां 18 वर्षीय सीमा सिंह की तबीयत खराब होने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय करीब 15 दिनों तक झाड़-फूंक और तांत्रिकों के पास ले जाते रहे। शुरुआत में युवती को पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत थी, लेकिन परिजनों ने इसे कथित प्रेत बाधा मान लिया।
परिजन युवती को बृजपुरा, चंद्रनगर सहित कई स्थानों पर तांत्रिकों के पास ले गए और अनुष्ठान कराए। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और लगातार बिगड़ती गई। बाद में गुलगंज में एक अन्य तांत्रिक के पास ले जाते समय रास्ते में युवती की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई।
इसके बाद परिजन उसे गुलगंज अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवती को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया। फिलहाल सीमा जिला अस्पताल में भर्ती है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। समय पर अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय जांच और उपचार कराना जरूरी है, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
