सीधी: जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम पंचायत बेंदुआ में खैराही से मिसिरगवां पहुंच मार्ग बारिश के चलते कीचड़ में तब्दील हो गया है। कच्चे मार्ग की हालत इतनी खराब हो गई है कि बरसात के करीब चार महीनों तक यहां से वाहन तो दूर पैदल आवागमन करना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो
सका है। खैराही से मिसिरगवां को जोड़ने वाला यह मार्ग करीब 200 से 300 लोगों के आवागमन का प्रमुख आम रास्ता है। सड़क पर बारिश का पानी और कीचड़ जमा होने के कारण दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग खराब होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। कीचड़ के कारण स्कूल वाहन गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते की खराब स्थिति आपातकालीन परिस्थितियों में बड़ी समस्या बन सकती है। गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या दुर्घटना होने की स्थिति में एम्बुलेंस का पहुंचना भी मुश्किल है। ऐसे में मरीज को मुख्य मार्ग तक पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। सरपंच की ओर से मार्ग का निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया जाता रहा है लेकिन अभी तक सड़क पर मुरुम या गिट्टी तक नहीं डाली गई है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं जनपद पंचायत सीधी के अधिकारियों से मांग की है कि खैराही-मिसिरगवां पहुंच मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल मार्ग में मुरुम एवं गिट्टी डालकर आवागमन योग्य बनाया जाए ताकि बरसात के दौरान ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और आपात स्थिति में मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े
