
सिंगरौली। चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम दार में एक परिवार पर ऐसी दुखदायी आफत टूटी कि कुछ ही घंटों के अंतराल में घर के दोनों चिराग बुझ गए। रोशनलाल बैगा के दो मासूम बेटों की अलग-अलग घटनाओं में मौत से पूरा परिवार सदमे में है। बच्चों की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस को दी गई सूचना के अनुसार रोशनलाल बैगा पिता राजपति बैगा उम्र 34 वर्ष निवासी दार ने बताया कि 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे उसके दोनों बच्चे दीपक बैगा उम्र 7 वर्ष और सोनू बैगा उम्र 3 वर्ष घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में हड़ा-ततैया ने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया। बच्चों की चीख सुनकर रोशनलाल मौके पर पहुंचा तो मधुमक्खियों ने उसे भी डंक मार दिया। परिजन दोनों बच्चों को तत्काल उपचार के लिए चितरंगी अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार के दौरान रात करीब 9 बजे छोटे बेटे सोनू बैगा की मौत हो गई। वहीं बड़े बेटे दीपक का अस्पताल में उपचार जारी रहा। हालत में सुधार होने पर 21 अगस्त की शाम करीब 6 बजे परिजन दीपक को घर लेकर चले गए। परिवार ने शायद सोचा भी नहीं था कि कुछ ही घंटे बाद एक और दुखद घटना उनका इंतजार कर रही है। पुलिस के अनुसार आज 22 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे दीपक को जहरीले सर्प ने काट लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उपचार के लिए ले गए, लेकिन शाम के वक्त दीपक की भी मौत हो गई। एक ही परिवार के दो बच्चों की लगातार हुई मौत से बैगा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता अपने दोनों बेटों को खोने के बाद गहरे सदमे में हैं। रोशनलाल के घर के दोनों चिराग बुझने से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है और हर आंख नम है।
मां की गोद सूनी,घर में मचा करुण विलाप
ग्राम दार निवासी रोशनलाल बैगा के परिवार पर दो मासूम बेटों की मौत के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोनू और दीपक की अकाल मौत ने मां की गोद सूनी कर दी है। एक के बाद एक दोनों बच्चों को खोने के बाद परिवार पूरी तरह सदमे में है। घर में चीख-पुकार और रोने की आवाजें गूंज रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और माता-पिता अपने बच्चों की याद में बेसुध हो रहे हैं। दोनों मासूमों की मौत से गांव में भी शोक की लहर है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। हर कोई इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध है। जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
