सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन के अभाव में लगता लंबा जाम पालदा नाका की नियती बना

इंदौर: पालदा नाका और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग, ट्रकों का अवैध जमावड़ा और यातायात नियमों की अनदेखी के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार यातायात विभाग और स्थानीय प्रशासन लापरवाह बने हुए हैं. जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते पालदा नाका चौराहे से नेमावर रोड के किनारे खड़े होने वाले भारी वाहन, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर विपरीत दिशा से दौड़ते वाहन और सुचारू ट्रैफिक प्रबंधन के अभाव में लगता लंबा जाम यहां की नियती बन गया है.

पालदा नाका चौराहे से नेमावर रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर कालका मंदिर के पास यातायात जाम के कारण आईसर वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि वर्षों से बदहाल यातायात व्यवस्था पर बड़ा सवाल है. आखिर पालदा नाका चौराहे की समस्या पर यातायात विभाग कब गंभीर होगा? चौराहे पर चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों और भारी वाहनों का दबाव दिनभर बना रहता है.

जाम लगना यहां जैसे रोजमर्रा की तस्वीर बन चुका है. लंबी कतारों से बचने के लिए वाहन चालक रॉन्ग साइड से निकलते हैं और देखते ही देखते चौराहे के चारों ओर वाहनों का जमावड़ा लग जाता है. सवाल यह है कि इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद यातायात पुलिस की नियमित तैनाती क्यों नहीं की जाती? सड़क किनारे बेतरतीब खड़े सैकड़ों वाहनों से मार्ग और संकरा हो जाता है. पालदा नाका की अव्यवस्था अब सिर्फ जाम की समस्या नहीं रही, बल्कि लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है. इस ओर जिम्मेदारों को तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है.

यह बोले नागरिक…

चौराहे की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस तैनाती बहुत जरूरी है. वाहनों की बढ़ती संख्या के अलावा भारी वाहनों का जमावड़ा भी यातायात व्यवस्थाओं पर प्रभाव डालते हैं. क्षेत्रवासियों को भी निकलने में दुश्वारियां होती हैं.
– अमित तोमर

सड़क का आकार छोटा है और ऊपर से किनारे खड़े वाहनों के कारण और भी स्थिति गंभीर हो जाती है. नेमावर रोड से तीन इमली चौराहे तक पुलिस जवानों की तैनाती होना चाहिए.
– जितेंद्र जाधव

मार्ग से जुड़ी कई कॉलोनी हैं. इसलिए यातायात व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए. सुबह-शाम ग्राहकी के समय अधिक जाम होता है. अब फेस्टिवल आ रहे हैं, तब और भी यातायात स्थिति बिगड़ जाएगी.
– मनीष जाधव

Next Post

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने वैश्नवी हगवणे की मौत के मामले में बंधु फाटक को किया बरी

Sat Aug 22 , 2026
मुंबई, (वार्ता) बॉम्बे उच्च न्यायालय कोर्ट ने पुणे में वैश्नवी हगवणे की आत्महत्या से जुड़े मामले में व्यवसायी बंधु फाटक को बरी कर दिया और कहा कि उनके खिलाफ आरोपी को पनाह देने का गुनाह करने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं। न्यायमूर्ति शिवकुमार डिगे ने पुणे सत्र अदालत के उस […]

You May Like