
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की कई कृषि मंडियों में किसानों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मंडियों की आय और वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश की 110 मंडियां ऐसी हैं, जिनकी वार्षिक आय तीन करोड़ रुपये से अधिक है। मंडियों का वर्गीकरण मंडी शुल्क और लाइसेंस शुल्क से प्राप्त आय के आधार पर होता है। ऐसे में अधिक आय वाली मंडियों में किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि राघोगढ़ मंडी में किसानों को स्वच्छ पेयजल और कैंटीन तक की सुविधा नहीं है। सीधी की नई सब्जी मंडी में सड़क, शौचालय और गोदाम का काम अधूरा है, जबकि सबलगढ़ मंडी में छायादार स्थान, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं की कमी बताई गई है।
पटवारी ने पूछा कि मंडी शुल्क देने वाले किसानों को पेयजल, छाया, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सड़क और उपज के सुरक्षित भंडारण जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने सभी 110 मंडियों का आय-व्यय और उपलब्ध सुविधाओं का मंडीवार सार्वजनिक ऑडिट कराने तथा अधोसंरचना सुधार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उपज बेचने मंडी पहुंचने वाले किसानों को सम्मानजनक और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
