इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अदालत द्वारा नियुक्त वकील ने दावा किया है कि जेल में बंद खान की दाईं आंख की रोशनी घटकर महज़ 15 प्रतिशत रह गई है। आरोप है कि उन्होंने कई महीनों तक आंख से जुड़ी परेशानी की शिकायत की, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की ओर से एमिकस क्यूरी (अदालत के मित्र) नियुक्त किए गए बैरिस्टर सलमान सफदर ने 10 फरवरी को जेल में इमरान खान से लगभग दो घंटे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने न केवल खान की स्वास्थ्य स्थिति पर बातचीत की, बल्कि उनकी हिरासत की परिस्थितियों का भी निरीक्षण किया। मुलाकात और निरीक्षण के आधार पर सफदर ने बुधवार को अदालत में सात पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रिपोर्ट में स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और जेल प्रबंधन के रवैये को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं, जिससे इमरान खान की कैद और चिकित्सा सुविधाओं पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
