इंदौर:बिजली की शिकायत हो या बिल की वसूली, दोनों मोर्चों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी. मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने गुरुवार को रतलाम में रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर बिजली व्यवस्था की समीक्षा की.उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली देने और शिकायतों का समय पर निराकरण करने में किसी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए. राजस्व वसूली में लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं होगी. समीक्षा में लाइनमैन से लेकर अधीक्षण यंत्री तक के अधिकारियों-कर्मचारियों को उपभोक्ता सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए.
तकनीकी खराबी, मौसम अथवा किसी शासकीय योजना, विकास परियोजना या अन्य कार्य के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़े तो संबंधित उपभोक्ताओं को समय पर सूचना देने को कहा गया, ताकि उन्हें परेशानी न हो. एमडी ने स्मार्ट मीटर को लेकर भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के साथ उसके फायदे और कार्यप्रणाली की सही जानकारी उपभोक्ताओं को दी जाए, जिससे उनकी शंकाएं दूर हों और संतुष्टि बढ़े. बैठक में मुख्य अभियंता उज्जैन एससी वर्मा, एसआर बमनके, सुषमा गंगराड़े, अतिरिक्त मुख्य अभियंता संजय मालवीय, तरुण उपाध्याय, निर्मल शर्मा, रतलाम के अधीक्षण यंत्री मनोज शर्मा, मंदसौर के योगेश आठनेरे, नीमच के आरके रंजन सहित तीनों जिलों के कार्यपालन यंत्री मौजूद रहे.
निममित निगरानी के निर्देश
राजस्व संग्रहण को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए निर्धारित समय पर बिजली बिलों की वसूली और उसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए. आगामी रबी सीजन की तैयारियों के साथ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एसएसटीडी, आरडीएसएस, मेंटेनेंस, स्मार्ट मीटर, मीटरीकरण, सीएम हेल्पलाइन, 1912, ऊर्जस, उपभोक्ता शिकायत निवारण लोक सेवा गारंटी और कृषक कल्याण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई. उन्होंने अधीक्षण यंत्रियों को इन कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा
