
श्री ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने पेंटागन को उत्तर कोरिया के लिए ”पूरी तरह अनुचित और शत्रुतापूर्ण” संदेश देने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में ”बड़ी कटौती” करने का निर्देश दिया है। श्री ली ने लिखा, “मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप का संदेश कोरियाई प्रायद्वीप पर शत्रुता और टकराव से आगे बढ़कर शांति की परिस्थितियां बनाने के लिए उनके गंभीर विचार का परिचायक एक बड़ा फैसला है।” उन्होंने कहा कि जो लोग यह मानते हैं कि सबसे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था ऐसी शांति व्यवस्था है जिसमें लड़ने की जरूरत ही न हो, वे भी कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए बातचीत की परिस्थितियां बनाने के ट्रंप के प्रयास और प्रतिबद्धता को साझा करते हैं।
उन्होंने कहा कि इसके लिए दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय प्रशिक्षण में कटौती करनी पड़े, तब भी वह इस फैसले का सम्मान करते हैं। श्री ली ने उम्मीद जतायी कि श्री ट्रंप का यह फैसला विश्वास बहाली और वाशिंगटन तथा प्योंगयांग के बीच बातचीत बहाल होने के जरिए अंततः कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति व्यवस्था कायम करने में मदद करेगा। उन्होंने खुद को ट्रंप के ‘शांतिदूत’ प्रयासों में योगदान देने वाले ‘शांति निर्माता’ की भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध बताया। यह उस प्रस्ताव का संदर्भ है जो उन्होंने पिछले वर्ष ट्रंप के साथ अपनी पहली शिखर बैठक के दौरान दिया था।
श्री ट्रंप के सैन्य अभ्यासों में कटौती के निर्देश को कुछ विश्लेषकों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में सियोल की मदद करने में कथित अनिच्छा की प्रतिक्रिया के रूप में देखा है। श्री ट्रंप ने रविवार की अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उन्होंने हाल में ली से पूछा था कि क्या सियोल ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त कराने के प्रयास में शामिल होना चाहेगा और उन्हें जवाब मिला, ‘नहीं, धन्यवाद।’
श्री ली ने अपने संदेश में इस टिप्पणी का भी अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त नौवहन बहाल करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपनी मंशा बार-बार स्पष्ट की है।
उन्होंने कहा, “इस उद्देश्य से हमारी सरकार अमेरिका के साथ विभिन्न ठोस तरीकों पर करीबी संवाद जारी रखेगी, जैसा कि अब तक करती रही है। इसमें हम दक्षिण कोरिया के कानूनों और मूल नीतियों के दायरे में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे सकते हैं।” श्री ली ने कहा, “मैं निकट भविष्य में अमेरिका में सम्माननीय राष्ट्रपति ट्रंप से फिर मुलाकात की उम्मीद करता हूं।”
