
ग्वालियर। जिला पंचायत के सभागार में भूकंपरोधी निर्माण पर आयोजित किए गए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन नेटवर्क के सहयोग से किया गया। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण में भूकंपरोधी निर्माण, संरचनात्मक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर जिला दण्डाधिकारी सी.बी. प्रसाद एवं जिला कमांडेंट होमगार्ड रिपुदमन सिंह ठाकुर ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। प्रशिक्षण के तीसरे एवं अंतिम दिवस तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. तुषार गोलाईत ने भवन निर्माण में बिल्डिंग की ऊंचाई, आपसी दूरी (गैप), संरचनात्मक संतुलन एवं निर्माण के अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भवन की डिजाइन एवं निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन कर इमारत को भूकंप के प्रभाव को सहने में अधिक सक्षम बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में एमआईटीएस के प्रोफेसर हेमंत श्रीवास्तव ने इंजीनियरिंग की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बीम डिजाइन, संरचनात्मक मजबूती तथा उसके वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भवन निर्माण में वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के पालन के महत्व को समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विशेषज्ञों ने समाधान किया तथा भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सुरक्षित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। समापन अवसर पर एडीएम सी.बी. प्रसाद ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अभिषेक मिश्रा, डॉ. तुषार गोलाईत एवं जिला कमांडेंट होमगार्ड रिपुदमन सिंह ठाकुर सहित सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
