
सिंगरौली । औद्योगिक गतिविधियों के बावजूद जिले में व्याप्त समस्याओं और अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर को विस्तृत मांग पत्र सौंपकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। मांग पत्र में कहा गया कि सिंगरौली देश और प्रदेश को बड़ी आर्थिक आय देता है, लेकिन सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, प्रदूषण और विस्थापन जैसी मूलभूत समस्याएं अब भी गंभीर बनी हुई हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर कोयला और राखड़ परिवहन पर सुबह 7 से रात 11 बजे तक प्रतिबंध लगाने तथा एक वर्ष के भीतर कन्वेयर बेल्ट अथवा वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई। जर्जर सड़कों के सुधार, चौड़ीकरण, सर्विस लेन, बाईपास और फ्लाईओवर निर्माण के साथ एनएच-39 का काम एक साल में पूरा कराने की मांग रखी गई।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों की समयबद्ध उपस्थिति, निजी क्लीनिकों पर रोक, सफाई और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्र और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की भी मांग है। शिक्षा क्षेत्र में विश्ववि. की स्थापना, महावि. में विश्ववि. पैनल, शोध प्रयोगशाला तथा जर्जर स्कूलों के सुधार की मांग उठाई गई। रोजगार के लिए आउटसोर्स कंपनियों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को अवसर देने और एनसीएल भर्ती में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई।
