
भोपाल। राजधानी की सड़कों पर सोमवार को करीब 3500 टैक्सियों के पहिए थम गए. टैक्सी चालकों और संचालकों ने किराया बढ़ाने सहित मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है. टैक्सियों की सेवा ठप होने से सवारियों को इस दौरान परेशानी का भी सामना करना पड़ा. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित स्थानों तक आने-जाने के लिए लोगों ने इस दौरान वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया. मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अब चालक और संचालक ज्ञापन सौंपेगे.
भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन संयुक्त मोर्चा की तरफ से इस हड़ताल का ऐलान किया गया है. बुधवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर टैक्सी चालक धरना-प्रदर्शन करेंगे. टैक्सी सेवा रोकने को लेकर चालकों का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां मनमाने तरीके से कमीशन और किराया निर्धारित कर रही हैं. इससे वाहन चालकों की कमाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण के लिए प्रभावी नियम बनाने की मांग की है. एक प्रतिनिधिमंडल मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा. मांगो में टैक्सी का न्यूनतम और प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने, एग्रीगेटर कंपनियों के कमीशन को नियंत्रित करने और चालकों के हित में स्पष्ट नियम लागू करना शामिल है.
