
उज्जैन। रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चलती ट्रेन में चढऩे की कोशिश कर रही 68 वर्षीय महिला का पैर पायदान से फिसल गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिरकर घिसटने लगी। मौके पर तैनात जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते मदद नहीं मिलती तो महिला ट्रेन के नीचे आ सकती थी।
महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रविवार शाम आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक शिव सिंह बघेल, क्यूआरटी टीम के मोहन सैनी, शिवराम मीणा और जीआरपी के दिलीप सिंह लोधी प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-1 से रवाना हुई। ट्रेन के चलते ही एक महिला यात्री ने उसमें चढऩे का प्रयास किया, लेकिन पैर फिसलने से वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरी और ट्रेन के साथ घिसटने लगी। महिला को खतरे में देखकर पुलिस जवान तत्काल दौड़े और उसे पकडक़र प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। जवानों ने महिला को कोच के नीचे जाने से बचा लिया।
उसे लगा परिवार के सदस्य चढ़ चुके ट्रेन में
महिला की पहचान कमला पत्नी लक्ष्मण सैनी, उम्र 68 वर्ष, निवासी राया, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। महिला ने बताया कि वह अपने परिवार से बिछड़ गई थी। उसे लगा कि परिवार के सदस्य ट्रेन में चढ़ चुके हैं, जिसके चलते उसने चलती ट्रेन में चढऩे का प्रयास किया और हादसा हो गया। कुछ देर बाद महिला का बेटा राजकुमार मौके पर पहुंचा। उसने बताया कि वह टिकट लेने गया था। टिकट लेकर लौटने पर उसे मां नहीं मिलीं। जानकारी मिली कि एक महिला ट्रेन से गिर गई थी और पुलिस ने उसे बचाया है। इसके बाद उसने अपनी मां की पहचान की। जीआरपी और आरपीएफ टीम ने महिला को सुरक्षित उसके बेटे के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की तत्परता से एक बार फिर रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टल गया।
