
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम् को पूरे देश में सम्मान के साथ अपनाया गया, लेकिन कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पार्टी से देशवासियों से माफी मांगने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम् को लाल किले से लेकर पूरे देश में अपनाया गया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस न इंदौर में पूरा वंदे मातरम् गाती है और न ही उसके नेताओं ने दिल्ली में इसके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आजादी के दीवानों के समय से ही देश के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों को इस कृत्य के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान में इंदौर और दिल्ली, दोनों का संदर्भ आया। इंदौर का उल्लेख उन्होंने यहां कांग्रेस नेताओं द्वारा वंदे मातरम् के पूरे गायन को लेकर हुए विवाद के संदर्भ में किया, जबकि दिल्ली को लेकर उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में वंदे मातरम् के प्रति सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
दरअसल, इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् को लेकर विवाद हुआ था। कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने राष्ट्रगीत गाने से इनकार किया था, जबकि पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी उनके रुख का समर्थन किया था। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री इससे पहले भी कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
