
ग्वालियर-मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में हुए ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की रकम को हार्ड कैश में बदलने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगी की रकम को डबरा के सराफा बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से निकाला था।
क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि एमपी-यूपी के अलावा महाराष्ट्र और गुजरात में हुई साइबर ठगी की राशि डबरा के एटीएम से बार-बार निकाली जा रही है। ऑनलाइन ठगी की रकम को कैश में कन्वर्ट होने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा ऑपरेशन क्यू-एटीएम चलाया जा रहा है।
इसी ऑपरेशन के तहत डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार और मनीष यादव के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच टीआई अमित शर्मा ने अपनी टीम के साथ पड़ताल शुरू की। मुखबिर तंत्र को अलर्ट कर पिन पॉइंट इन्फॉर्मेशन जुटाई गई। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि होने के बाद शुक्रवार देर रात घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोच लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गौरव पुत्र मोहर सिंह रावत निवासी रावकला, थाना बड़ौनी, दतिया एवं रमन पुत्र बृजमोहन रावत निवासी गौतम विहार, गल्ला मंडी गेट के सामने, डबरा देहात, स्थाई पता बाशगढ़, करही गांव के पास, करैरा के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों में 10 से अधिक बार साइबर ठगी की रकम आई थी, जिसे उन्होंने एटीएम के जरिए निकाला। ऑपरेशन क्यू एटीएम के तहत यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। पुलिस अब पूरे गिरोह को बस्ट करने के लिए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है।
