
ग्वालियर। ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 स्थित दोपहिया वाहन स्टैंड पर ठेकेदार की मनमानी और लापरवाही चरम पर है। यात्रियों से 20 रुपए पार्किंग शुल्क वसूलने के बाद भी वाहनों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। स्टैंड पर खड़ी गाड़ियों में टूट-फूट हो रही है और जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टैंड पर गाड़ी खड़ी करने पर 20 रुपए की पर्ची तो थमा दी जाती है, लेकिन उसके बाद वाहन की देखरेख करने वाला कोई नहीं होता। एक बार स्टैंड में गाड़ी लगने के बाद वह पूरी तरह भगवान भरोसे रहती है।
ऐसा ही एक मामला 15 अगस्त को सामने आया। एक यात्री ने अपनी नई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल स्टैंड पर खड़ी की और करीब पांच घंटे बाद वापस लौटा तो बाइक गिरी हुई मिली। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गिराए जाने से बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। जब इसकी शिकायत वहां बैठे कर्मचारियों से की गई तो उन्होंने कोई जवाब न देते हुए पल्ला झाड़ लिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी एक मोटरसाइकिल की हेडलाइट स्टैंड के अंदर ही फूट गई थी। आए दिन हो रही इन घटनाओं से यात्रियों में आक्रोश है। यात्रियों का कहना है कि पैसा देने के बाद भी उन्हें अपनी गाड़ियों में हुए नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से स्टैंड की व्यवस्था सुधारने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इनका कहना है..
इस तरह स्टैंड पर खड़ी गाड़ियों में टूट फूट होने की लापरवाही बिल्कुल गलत है इसकी हम जांच करवाएंगे दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। ऐसी घटना होने पर वाहन मालिक इसकी शिकायत स्टेशन अधीक्षक को कर सकता है।
मनोज कुमार सिंह
पीआरओ उ म रे रेल्वे
