छतरपुर। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जिले में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में 7 अगस्त से शुरू हुए अभियान के दौरान ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। अभियान के तहत कुल निराकरण के मामले में छतरपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि निराकरण प्रतिशत के आधार पर जिले को तीसरी रैंक मिली है।
अभियान के दौरान लोक सेवा गारंटी की विभिन्न सेवाओं से संबंधित 9,681 आवेदनों का निराकरण किया गया। वहीं सभी विभागों से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की 8,739 शिकायतों का समाधान किया गया। राजस्व विभाग में तीन माह से अधिक समय से लंबित नामांतरण एवं बंटवारे के 2,869 आवेदनों का भी अभियान के दौरान तेजी से निराकरण किया गया।
लोक सेवा गारंटी के तहत निराकृत प्रकरणों में ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के 3,859, एससी-एसटी जाति प्रमाण पत्र के 1,997, एक वर्ष बाद जन्म पंजीयन के 1,358, रिकॉर्ड रूम से तहसील स्तर पर नकल प्रदाय के 906 और विवाह पंजीयन के 359 आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा जन्म एवं मृत्यु पंजीयन, ब्लड रिलेशन जाति प्रमाण पत्र, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विभिन्न लाइसेंस और अन्य सेवाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।
कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में आयोजित शिविरों में अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर आवेदकों की समस्याएं सुन रहे हैं और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देने के साथ आवेदन प्राप्त कर रहे हैं। मौके पर निराकरण योग्य प्रकरणों का तत्काल समाधान किया जा रहा है, जबकि परीक्षण और सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों की जिला स्तर पर निगरानी कर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन की सक्रियता से अभियान को गति मिली है और छतरपुर ने निराकरण के मामले में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
