
नई दिल्ली, भारत शुक्रवार 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित समारोह की एक तस्वीर और वीडियो ने सियासी बहस छेड़ दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समारोह में मौजूद थे।
झंडा फहराने के बाद जब वंदे मातरम गाया जा रहा था, तभी पहले पद के बाद राहुल गांधी ने सोनिया गांधी की ओर देखकर कुछ इशारा किया। दूसरे पद की शुरुआत में खरगे और सोनिया गांधी के बीच भी कुछ बातचीत जैसी दिखी।
*”वंदे मातरम रोकने का इशारा?”*
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में दावा किया गया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम बीच में रोकने का इशारा किया। आरोप है कि कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि गीत पूरा 3 मिनट का है, जिसके बाद सोनिया गांधी नाराज दिखीं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस मुख्यालय में पहले वंदे मातरम का सिर्फ आधा हिस्सा ही गाया जाता था, लेकिन इस बार इसे पूरा गाया जा रहा था।
*जयराम रमेश ने खारिज किए आरोप*
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी। बातचीत मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने को लेकर थी, क्योंकि उन्हें देर तक खड़े रहने में दिक्कत होती है।
*सोशल मीडिया पर उठे सवाल*
जयराम रमेश के बयान के बाद भी सवाल उठ रहे हैं। अगर बात कुर्सी की थी तो कार्यकर्ता कुर्सी लेकर तुरंत क्यों नहीं आए? वंदे मातरम का एक मिनट ही बचा था, तो क्या एक मिनट इंतजार नहीं किया जा सकता था?
कांग्रेस नेताओं ने वंदे मातरम के अपमान के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वायरल वीडियो के बाद पार्टी के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर बहस जारी है।
