
उन्होंने कहा, “हमारा परिवार अमृतसर में रहता था, लेकिन हमारे कई रिश्तेदार, परिचित, मित्र उस पंजाब में रहते थे जो अब पाकिस्तान में चला गया। मैंने अपने बुजुर्गों से सुना है कि कैसे ट्रेनें लाशों से भरी आती थीं। कैसे बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गयी। कैसे पड़ोसी एक रात में दुश्मन बन गये। बंटवारे का दंश सिर्फ जमीन का नहीं था, ये रिश्तों का, संस्कृति का, सदियों की साझा विरासत का बंटवारा था।”
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष ने कहा कि भूखे-प्यासे शरणार्थियों ने शिविरों में दिन निकाले। शून्य से फिर से शुरुआत की, लेकिन हार नहीं मानी। उन्होंने इसी दिल्ली को देश के अन्य भागों को अपनी कर्मभूमि और देशसेवा को अपना धर्म बनाया।
उन्होंने कहा, ” मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम यह दिन इसलिए मनाते हैं ताकि नयी पीढ़ी उस दर्द को भूल न जाये। भूल न जाए कि वोट बैंक की राजनीति की कीमत क्या होती है। भूल न जाए कि तुष्टिकरण की कीमत देश की एकता से चुकानी पड़ती है।” उन्होंने कहा, “मैं आज उन सभी शहीदों, उन सभी माताओं-बहनों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने उस दौरान जान गंवायी थीं। हम संकल्प लेते हैं कि देश को फिर कभी इस विभिषिका से नहीं गुजरने देंगे। एक भारत, श्रेष्ठ भारत – यही हमारे पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
इस संगोष्ठी में सांसद प्रवीन खंडेलवाल, विधायक अशोक गोयल, दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, निगम पार्षद विकेश सेठी, श्री सुमन कुमार गुप्ता, श्री विकास टांक, श्रीमती उषा शर्मा, श्री सुशील जौटी और श्री कमल बागड़ी और जिला महामंत्री राजा खारी सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
वहीं, सांसद मनोज तिवारी और पार्टी के प्रदेश महामंत्री मोहनलाल गिहारा ने नवीन शाहदरा जिला द्वारा आयोजित संगोष्ठी में भाग लिया। सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल ने दक्षिण दिल्ली जिला द्वारा आयोजित संगोष्ठी में हिस्सा लिया।
