
इसी दौरान छह छात्राओं को सांप ने काट लिया। इनमें से तीन छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आयोग ने राज्य सरकार से घायल छात्राओं की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा है। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह छात्राओं के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला है। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव से घटना के कारणों, छात्रावास की व्यवस्थाओं तथा छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं सहित पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 11 अगस्त को प्रकाशित खबर के अनुसार, छात्रावास के एक ही कमरे में 79 छात्राएं रह रही हैं। करीब 25 वर्षों से संचालित इस छात्रावास में कथित तौर पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गड़चिरौली जिले में हर वर्ष बड़ी संख्या में सर्पदंश के मामले सामने आने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
