निजी कॉलेजों की मनमानी पर कसा शिकंजा

सतना: जिले के निजी महाविद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं और संचालकों की मनमानी पर अब उच्च शिक्षा विभाग का चाबुक चला है. लंबे समय से मिल रही सैकड़ों शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. महेंद्र मणि ने शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) में सभी निजी कॉलेजों के प्राचार्यों और संचालकों की छह घंटे तक मैराथन बैठक ली.

जिले के विभिन्न निजी कॉलेजों से लगातार विद्यार्थियों के मनमानी फीस वसूली,टीसी और प्रशासनिक ढिलाई से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही थीं. शिकायतों की बाढ़ आने के बाद अतिरिक्त संचालक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए यह आपात बैठक बुलाई. बैठक के दौरान अधिकारियों के तेवर बेहद कड़े नजर आए और उन्होंने एक-एक कर सभी शिकायतों की गहन समीक्षा की. जानकारी के मुताबिक लगभग 200 से उपर सीएम हेल्प लाइन अलग अलग शिकायते महाविद्यालयों की गई हैं और यह शिकायतें छात्रों के द्वारा दर्ज कराई गई है.अतिरिक्त संचालक ने निजी कॉलेज प्रबंधनों को दोटूक चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया कि छात्रहित के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग के इस आक्रामक रुख और छह घंटे की मैराथन बैठक के बाद से ही जिले भर के निजी कॉलेज संचालकों में हड़कंप का माहौल व्याप्त है.

टीसी के नाम पर छात्रवृत्ति हड़प रहे निजी कॉलेज

यदि कोई छात्र किसी निजी महाविद्यालय में दाखिला लेने के बाद उसी सत्र में अपना नाम वापस लेना चाहता है या कॉलेज छोड़ना चाहता है, तो प्रबंधन उसे आसानी से टीसी नहीं देता. कॉलेज द्वारा छात्र पर पूरे 3 साल की फीस एक साथ जमा करने का अनुचित दबाव बनाया जाता है.
यदि छात्र पूरे 3 साल की फीस देने में असमर्थता जताता है, तो कॉलेज प्रशासन उसकी छात्रवृत्ति रोक लेता है या उसे खुद डकार जाता है.गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों के हक पर डाका डालने वाले इस तानाशाही रवैये को अतिरिक्त संचालक ने बेहद गंभीरता से लिया है.अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि छात्रों के भविष्य और छात्रवृत्ति के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे कॉलेजों की मान्यता रद्द करने के साथ-साथ उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Next Post

नेपाल के गोरखा युवाओं का प्रदर्शन: खाड़ी देशों की नौकरी ठुकराई

Fri Aug 14 , 2026
काठमांडू, नेपाल के पोखरा में गोरखा युवाओं का प्रदर्शन चल रहा है। खाड़ी देशों की नौकरी छोड़ भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती शुरू करने की मांग। 207 साल पुरानी परंपरा बचाने को सरकार को सौंपा ज्ञापन। नेपाल के पोखरा शहर की सड़कों पर इन दिनों एक अनोखा प्रदर्शन देखने को […]

You May Like