इंदौर:शहर की बढ़ती आबादी के साथ ही हर दिन सैकड़ों नए वाहन सड़कों पर आ रहे हैं. बढ़ते कारोबार और ट्रैफिक दबाव के बीच शहर का यातायात प्रबंधन और बुनियादी ढांचा गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है. ई-कॉमर्स, होम डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट के कारण रोजाना भारी संख्या में कमर्शियल वाहन जुड़ रहे हैं. प्रमुख चौराहों और सर्विस सड़कों पर गड्ढों व निर्माण कार्यों के कारण यातायात धीमा हो रहा है. यानी यातायात प्रबंधन की रफ्तार सवालों के घेरे में है.
दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक विजयनगर से भंवरकुआं चौराहे तक एबी रोड पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है. पीक ऑवर में कई हिस्सों में वाहन रेंगते नजर आते हैं. एक जानकारी के अनुसार शहर में छोटे-बड़े वाहनों की संख्या 32 लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि इंदौर आरटीओ में प्रतिदिन औसतन 550 से ज्यादा नए वाहन जुड़ रहे हैं. ऐसे में आने वाले वर्षों में सड़कों पर दबाव और बढ़ना तय माना जा रहा है. शहर की सीमा से लगे क्षेत्रों में बड़े ओवरब्रिज बन चुके हैं और कई प्रस्तावित हैं, लेकिन शहर के भीतर पटेल ब्रिज और शास्त्री ब्रिज के अलावा प्रमुख ओवरब्रिजों की कमी नजर आती है. बढ़ते यातायात को देखते हुए अंदरूनी इलाकों में भी नए फ्लाईओवर, वैकल्पिक मार्ग और ट्रैफिक कॉरिडोर की जरूरत है. इसके लिए यातायात विभाग को भविष्य की स्थिति को देखते हुए ठोस योजना बनाना चाहिए.
यह बोले नागरिक…
शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सड़कों की क्षमता उस अनुपात में नहीं बढ़ रही. अभी से भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना बनाना जरूरी है.
– सुरेंद्र सिंह चौधरी
विजयनगर से भंवरकुआं तक पीक ऑवर में यातायात का दबाव साफ दिखाई देता है, केवल सड़क चौड़ी करना समाधान नहीं, वैकल्पिक मार्ग और बेहतर ट्रैफिक प्लान भी जरूरी हैं.
– कुलदीप जाट
लाखों वाहनों के बीच रोजाना सैकड़ों नए वाहन और जुड़ रहे हैं. ऐसे में आने वाले वर्षों के लिए फ्लाईओवर, सिग्नल सिस्टम और सार्वजनिक परिवहन को लेकर ठोस नीति बनानी होगी.
-इरफान अली
