सौसर :सौसर विकास खंड की बहुचर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना में सरपंच पद को लेकर जारी सियासी और प्रशासनिक ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानापन्न सरपंच के चुनाव के एक महीने बाद इस मामले में एक नया और बड़ा प्रशासनिक मोड़ आ गया है। सौसर एसडीएम द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, 29 जून को संपन्न हुई स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया को स्वमेव शून्य घोषित कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद अब श्वेता गगन गोहेल ही रामाकोना की सरपंच पद पर बरकरार रहेंगी और आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वही विधिवत ध्वजारोहण करेंगी।
क्यों शून्य घोषित हुआ चुनाव ?
गौरतलब है कि वित्तीय अनियमितता के मामले में 18 जून को जिला पंचायत सीईओ द्वारा सरपंच श्वेता गोहेल को 6 साल के लिए अयोग्य (निरर्हित) ठहराने का आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद 29 जून को जल्दबाज़ी में स्थानापन्न सरपंच का चुनाव कराकर ज्योति खंडाइत को निर्वाचित घोषित किया गया था।
हालांकि 31 जुलाई को सौसर एसडीएम द्वारा जारी नए आदेश में स्थिति स्पष्ट की गई है। एसडीएम सिद्धार्थ पटेल ने ‘नवभारत’ से चर्चा करते हुए बताया कि जिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी 6 साल की निरर्हता (अयोग्यता) का आदेश वर्तमान सरपंच श्वेता गोहेल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से लागू होगा, न कि तत्काल प्रभाव से। इसलिए वर्तमान में सरपंच पद रिक्त ही नहीं हुआ था, जिसके चलते 29 जून को कराई गई स्थानापन्न सरपंच के चुनाव की कार्यवाही स्वतः ही शून्य हो जाती है।”
पद पर काबिज हूँ,15 अगस्त को करुँगी ध्वजारोहण – सरपंच श्वेता
इधर इस पूरे घटनाक्रम पर सरपंच श्वेता गोहेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने या अयोग्य ठहराए जाने का कोई भी आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे वर्तमान में सरपंच पद का दायित्व संभाल रही हैं और 15 अगस्त को ग्राम पंचायत में गरिमामय तरीके से ध्वजारोहण का कार्य संपन्न करेंगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार गर्म
स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की कार्यवाही सम्पन्न होने के बाद ठीक एक महीने ज्यादा समय बीतने के बाद उसे शून्य घोषित किए जाने और प्रशासनिक स्तर पर हुए इस भारी फेरबदल के बाद क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। हर कोई प्रशासन के इस रुख और कानूनी दांव-पेचों को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहा है।
