शक्तिनगर : मां ज्वालामुखी भगवती संचालन समिति, शक्तिनगर ने मंदिर प्रबंधन, संपत्ति और प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा।
समिति ने विभिन्न प्रशासनिक जांचों और आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों की पूर्व में कई स्तरों पर जांच हो चुकी है, जबकि वर्ष 2026 में लगाए गए आरोपों की जांच वर्तमान में जारी है। समिति ने मंदिर की भूमि पर निर्मित दुकान के बकाया किराये का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि वर्तमान में करीब 13.50 लाख रुपये किराया बकाया है। समिति ने आरोप लगाया कि दुकान मंदिर समिति की अनुमति के बिना हेमंत मिश्रा को दिए जाने का मामला सामने आया था।
इसके अलावा प्राचीन पीपल वृक्ष, स्वयंभू शिवलिंग और मंदिर परिसर में स्थापित पेड़ा फैक्ट्री से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया गया। समिति के अनुसार वर्ष 2005 से 2023 के बीच राजस्व, प्रशासन और धर्मार्थ कार्य विभाग सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायतों की जांच हुई। समिति का दावा है कि पूर्व की जांचों में उसके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हुए। वर्ष 2023 में उच्च न्यायालय के निर्देश पर मंडलायुक्त स्तर से हुई जांच का भी समिति ने हवाला दिया। वहीं प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा ने हेमंत मिश्रा को मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं का ज्ञान साबित करने की खुली चुनौती दी। वहीं हेमंत मिश्रा ने उक्त आरोप पर स्पष्टीकरण देते हुये खंडन किया है।
