सिंगरौली: एनटीपीसी विंध्याचल क्षेत्र में बारिश के साथ ही जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल रही है। शक्तिनगर मार्ग पर महज आधे से एक घंटे की बारिश में सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। स्थिति यह है कि सड़क पर पानी भरने के कारण राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ एनटीपीसी कर्मचारियों, स्थानीय रहवासियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना एनटीपीसी विंध्याचल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
वार्ड क्रमांक 36 के कांग्रेस पार्षद प्रेमसागर मिश्रा का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। जलभराव के कारण सड़क की स्थिति दिखाई नहीं देती और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मरीजों को अस्पताल ले जाने और बच्चों को स्कूल पहुंचाने में भी परेशानी होती है।
दो साल पहले लाखों खर्च, फिर भी नतीजा शून्य
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जलभराव रोकने के लिए एनटीपीसी द्वारा करीब दो वर्ष पूर्व इस मार्ग पर लाखों रुपये खर्च कर निर्माण एवं जल निकासी संबंधी कार्य कराया गया था। दावा था कि इससे पानी की समस्या दूर होगी, लेकिन हालात इसके ठीक उलट हैं। बारिश में पानी फिर सड़क पर जमा हो रहा है और पूर्व में कराया गया अधिकांश निर्माण कार्य भी नष्ट हो चुका है। इससे खर्च की गई राशि और निर्माण की गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
बार-बार पत्राचार, कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
पार्षद और स्थानीय नागरिकों के अनुसार एनटीपीसी प्रबंधन को कई बार समस्या से अवगत कराया गया और पत्राचार भी किया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि हर बारिश में समस्या सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूल कारण दूर करने के बजाय अस्थायी उपायों तक सीमित रहते हैं।
स्थायी समाधान की मांग
पार्षद प्रेमसागर मिश्रा और स्थानीय नागरिकों ने एनटीपीसी विंध्याचल प्रबंधन से जलभराव वाले पूरे मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराने, नालियों की सफाई और व्यवस्थित जल निकासी की व्यवस्था करने तथा पूर्व में कराए गए क्षतिग्रस्त निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि सड़क पानी में डूब रही है तो जिम्मेदारी तय कर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
