
धार ।भोजशाला जो माता सरस्वती की पूजा स्थली है उसके आवागमन के पास में ही शुक्रवार की नमाज न करवाने के लिए कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया । ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि माननीय हाई कोर्ट के आदेश में भोजशाला को सरस्वती माता का मंदिर घोषित किया गया है । माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भोजशाला परिसर के पास किसी स्थान पर नमाज़ करवाए जाने के आदेश दिया है लेकिन मुस्लिम समाज इस आदेश की आड़ में भोजशाला परिसर की आवागमन और नमाज़ परिसर की आवागमन दोनों स्थलों को एक करने का प्रयास कर रहा है जिससे एक ही समय पर अगर पूजा और नमाज़ दोनों होती है,तो विवाद की स्थति बनने की संभावना रहती है क्षत्रिय मराठा समाज ने ज्ञापन में उल्लेखित किया है कि माननीय सर्वोच्च न्यालय के आदेश का पालन कर नमाज़ के लिए ऐसी जगह उपलब्ध करायी जाए जिससे आने वाले भविष्य में कोई विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, पहले भी शहर कई बार विवाद में झुलस चुका है और शहर का विकास भी प्रभावित हो चुका है ज्ञापन देने के लिए क्षत्रिय मराठा समाज से दीपक कराले (कोषाध्यक्ष) अंकुर बांगर, प्रशान्त कराले , शुभम् साठे, मनीष भदाने, स्वप्निल (बाला) शितोले ( अध्यक्ष- नवयुवक मण्डल) अजय गावड़े , रोहित भोंसले, जतिन कराले ( सह कोषाध्यक्ष), प्रणीत पिपरकर, मनीष एलवनडे, सोनु जगताप, शिवम् सुर्वे, नीलेश देशमुख, योगेश दगड़े, राकेश शितोले , विक्रम रौधंले (बाला भाऊ) सह सचिव उपास्थि थे
