
ग्वालियर। गोले का मंदिर थाना क्षेत्र में शराब व्यवसाय को लेकर हुई मारपीट और हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए योगेश शिवहरे के पिता हरीशंकर शिवहरे मंगलवार को डीआईजी ग्वालियर रेंज कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बेटे को झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और प्रकरण से नाम हटाने की मांग की है।
रोशनी घर रोड निवासी हरीशंकर शिवहरे ने पुलिस उप महानिरीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं।
9 दिन पहले हुई थी हत्या
आवेदन के अनुसार 2 अगस्त की रात मंघाराम फैक्ट्री के सामने पुराने विवाद को लेकर शिवम वाजपेयी उर्फ सुक्खा पंडित और उसके भाई अनुज वाजपेयी के साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में 3 अगस्त को दर्ज की गई एफआईआर में जीतू गुर्जर, भोलू घुरैया और दो अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए थे। प्रारंभिक रिपोर्ट में योगेश का नाम नहीं था।
घायल अनुज वाजपेयी की इलाज के दौरान मौत होने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ा दी और इसी के साथ योगेश शिवहरे का नाम भी आरोपी के तौर पर जोड़ दिया गया।
सीसीटीवी और लोकेशन का दिया हवाला
पिता हरीशंकर का दावा है कि घटना के समय योगेश मौके पर मौजूद ही नहीं था। वह चार शहर का नाका (संजय नगर) स्थित अपनी दुकान पर था। दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी मौजूदगी दर्ज है। मोबाइल टावर लोकेशन से भी इसकी पुष्टि हो सकती है।
रंजिश में फंसाने का आरोप
हरीशंकर ने डीआईजी से मांग की है कि घटनास्थल, स्मार्ट सिटी और मंघाराम फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सुरक्षित कराया जाए और योगेश के मोबाइल की टावर लोकेशन को भी जांच में शामिल किया जाए।
उन्होंने बताया कि जून माह में योगेश पर हुई फायरिंग की घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही है। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते उसे हत्या के मामले में घसीटा गया है।
