
जबलपुर/ मंडला। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बुधवार तडक़े मण्डला में वन विभाग के एक क्लर्क के घर पर छापामार कार्रवाई कर दी। अचानक हुई कार्रवाई हडक़ंप मच गया। सुबह से शाम तक चली इस कार्रवाई में क्लर्क के पास से उसकी वैध कमाई से करीब 2.48 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। महज कुछ हजार की सैलरी पाने वाले कर्मचारी के ठाट-बाठ देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए।
जबलपुर ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम वनमंडल मण्डला की मुख्य शाखा में पदस्थ ग्रेड-3 एल.डी.सी श्वेतांक चौरसिया पिता नंदकिशोर चौरसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार और काली कमाई से अकूत संपत्ति बनाने की शिकायत मिली थीं। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद,क्लर्क श्वेतांक चौरसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। ईओडब्ल्यू जबलपुर ने जाल बिछाया। बुधवार सुबह ठीक 6 बजे दो अलग-अलग टीमों ने आरोपी श्वेतांक के इंदिरा जी वार्ड नंबर-2, मण्डला स्थित निवास पर एक साथ दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से क्लर्क के परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सर्च में ये मिला-
सर्चिंग के दौरान जांच ईओडब्ल्यू को आरोपी और उसके करीबियों के नाम पर कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज़, नगदी और जेवरात मिले हैं। ईओडब्ल्यू के मुताबिक मण्डला में करीब 1.50 करोड़ की अनुमानित लागत का मकान, 51.50 लाख कीमत की एक दुकान, 85 ग्राम सोने के जेवरात कीमत 13 लाख और करीब 2.8 किलोग्राम चांदी कीमत 6 लाख, घर से 5 लाख नगद और करीब 25 लाख मूल्य का महंगा घरेलू सामान, 8 लाख की एक फोर-व्हीलर और 1.50 लाख की दो मोटर साइकिलें बरामद की गई हैं।
5 बैंक खाते मिले, लॉकर खुलना बाकी,बढ़ेगा काली कमाई का आंकड़ा-
ईओडब्ल्यू की शुरुआती कार्रवाई में आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में 5 बैंक खातों का पता चला है, जिनकी पासबुक और लेन-देन के रिकॉर्ड को जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के नाम पर बैंक लॉकर्स भी होने की जानकारी मिली है, जिन्हें अभी खोला जाना बाकी है। जांच टीम का अनुमान है कि लॉकर्स की तलाशी और दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद इस काली कमाई का आंकड़ा और बड़ा हो सकता है।
