
पटेरा/दमोह। तहसील पटेरा के ग्राम जमुनिया टांक में स्थित प्रसिद्ध ठाकुर बाबा के स्थान पर वर्षों से धार्मिक आयोजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता आ रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी ग्रामवासियों एवं आयोजन समिति के द्वारा धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें पटेरा तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ग्राम जमुनिया के लगभग प्रत्येक घर से लोग सपरिवार आयोजन में शामिल हुए।
कार्यक्रम में विधायक उमादेवी खटीक, विधायक प्रतिनिधि भरत पटेल, लकी मिस्त्री, सांसद प्रतिनिधि गणेश पटेल, मंगल सिंह राजपूत, महाराज सिंह राजपूत, गोविंद सिंह राजपूत, विश्राम सिंह, सावन सिंह, बड्डा पटेल, सरपंच कमलेश जैन, आनंद राजपूत, गुड्डू ताम्रकार, मूरत सिंह, विक्रम सिंह, कमल सिंह, अरविंद सिंह नेता, हरिओम मासाब, गुड्डा मासाब सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
जंगल के बीच स्थित है ठाकुर बाबा का स्थान
जमुनिया टांक में सघन जंगल के बीच ठाकुर बाबा का स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार यहां पहुंचने के लिए लंबे समय से पक्के रास्ते की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। कच्चा एवं असुविधाजनक रास्ता होने के कारण धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित विशाल भंडारे में विधायक उमादेवी खटीक की उपस्थिति रही थी। उस दौरान उन्होंने मुख्य सड़क से ठाकुर बाबा के स्थान तक सीसी सड़क निर्माण कराने की बात कही थी। ग्रामीणों के अनुसार अब सड़क निर्माण कार्य प्रगतिशील है, जिससे आने वाले समय में श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
चद्दर सेट का भी हो रहा निर्माण
ठाकुर बाबा के स्थान पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चद्दर सेट का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके लिए विधायक प्रतिनिधि भरत पटेल ने स्वयं के खर्च से चद्दर उपलब्ध कराने की बात कही है। इससे धार्मिक आयोजन एवं दर्शन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकेगी।
आस्था और मान्यताओं से जुड़ा है स्थान
ग्रामवासियों के अनुसार ठाकुर बाबा के स्थान को लेकर क्षेत्र में कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से ठाकुर बाबा के दरबार में पहुंचकर प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। ग्रामीण यहां घटित होने वाली कई घटनाओं को ठाकुर बाबा की कृपा और चमत्कार से जोड़कर देखते हैं।
स्थानीय लोगों के बीच यह मान्यता भी काफी प्रचलित है कि यदि किसी व्यक्ति के गाय, भैंस या अन्य पालतू जानवर गुम हो जाएं तो ठाकुर बाबा के स्थान पर जाकर लाठी रखने की परंपरा है। ग्रामीणों का दावा है कि ऐसा करने के बाद कई बार गुम हुए जानवर वापस घर लौटे हैं। इन घटनाओं को लेकर क्षेत्र में ठाकुर बाबा के प्रति श्रद्धा और विश्वास और मजबूत हुआ है।
ग्राम जमुनिया टांक के ठाकुर बाबा का स्थान आज भी ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा, विशाल भंडारे और श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता से यह स्थान क्षेत्र में धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
