इंदौर: जिस ट्राईसाइकिल के सहारे एक दिव्यांग अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करता था, वह बस से इंदौर आते समय रास्ते में छूट गई. काफी कोशिश के बाद भी जब वह वापस नहीं मिली तो उसने पुलिस की जनसुनवाई में मदद मांगी. पुलिस कमिश्नर की पहल पर उसे नई बैट्री वाली ट्राईसाइकिल मिल गई.
कुछ माह पहले खंडवा से इंदौर आते समय शुभम साहू ने अपनी बैट्री वाली ट्राईसाइकिल बस में रखी थी. इंदौर पहुंचने पर ट्राईसाइकिल बस में नहीं मिली. पता चला कि वह रास्ते में कहीं गिर गई थी. शुभम ने बस संचालक से उसे वापस दिलाने के लिए कई बार संपर्क किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. ट्राईसाइकिल नहीं होने से उसके लिए रोजाना आने जाने में परेशानी खड़ी हो गई. इसी परेशानी को लेकर वह पुलिस कमिश्नरेट की जनसुनवाई में पहुंचा. उसने अधिकारियों को बताया कि ट्राईसाइकिल उसके लिए सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि रोजमर्रा के आवागमन का जरूरी साधन है. पुलिस कमिश्नर ने उसकी बात सुनने के बाद संबंधित एसीपी और थाना प्रभारी को बस ऑपरेटर से संपर्क कर मामले का समाधान कराने के निर्देश दिए. पुलिस अधिकारियों ने बस ऑपरेटर से बातचीत की. इसके बाद ऑपरेटर ने शुभम के लिए नई बैट्री वाली ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने पर सहमति दी. मंगलवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने शुभम को नई ट्राईसाइकिल सौंपी. ट्राईसाइकिल मिलने के बाद शुभम के चेहरे पर खुशी नजर आई. उसने पुलिस कमिश्नर और पुलिस टीम का आभार जताया.
