
सिंगरौली । कलेक्ट्रोरेट में आयोजित जनसुनवाई में बगदरा अभ्यारण्य क्षेत्र के खम्हरिया बीट 74 एवं 75 में रहने वाले बैगा आदिवासी ग्रामीणों का मामला पहुंचा। ग्राम पंचायत बहेरी क्षेत्र के करीब 40 ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर अपनी खेती की जमीन का पट्टा दिलाए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्ष 2001 से संबंधित भूमि पर खेती करते आ रहे हैं, लेकिन अब वन विभाग द्वारा उनकी परेशानी बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार अभ्यारण्य बगदरा की खम्हरिया बीट में उनकी जोत की जमीन को बैगा जोत के रूप में कोड किया गया है। उनका आरोप है कि जिन खेतों में वे लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं, वहां जंगल विभाग के डिप्टी रेंजर और मुंशी द्वारा पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को खेती प्रभावित होने और अपनी जमीन से वंचित होने की चिंता सता रही है। आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि वे ग्राम दिपवा और बहेरी क्षेत्र में अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। लंबे समय से भूमि पर खेती करने के बावजूद उन्हें अभी तक भूमि का पट्टा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले की जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। आवेदन देने वालों में तुलसी बैगा, रामकिसुन बैगा, होसराम बैगा, गोरेलाल बैगा, रामशाह बैगा, रामलल्लू बैगा, संतिया देवी, भगवती बैगा, जीतराय बैगा, सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
