
सिंगरौली। राजमाता चून कुमारी स्टेडियम में पंच-सरपंच सम्मेलन प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। जहां मंच पर जिला मुख्यालय बैढ़न के आदिवासी जनपद अध्यक्ष सविता सिंह को मंच पर जगह न मिलने से वे नाराज होकर कार्यक्रम को छोड़कर बाहर निकल गई। जनपद अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि इसे पंच-सरपंच नही, बल्कि भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन का नाम देना चाहिए था।
जनपद अध्यक्ष ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये आयोजन पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि भाजपा के मन में आदिवासी महिलाओं के लिए कोई जगह नही है। सिर्फ आदिवासी के नाम पर वोट बैंक की राजनीति की जा रही है। कार्यक्रम त्रिस्तरीय पंचायत का था। न कि भाजपा कार्यकर्ता एवं पार्षद सम्मेलन। मैं जिला मुख्यालय की जनपद अध्यक्ष हूॅ, मुझे मंच पर जगह नही मिली, इसलिए कार्यक्रम में रहने का कोई औचित्य नही है। जनपद उपाध्यक्ष अनुराधा सिंह, जनपद सदस्य रिशु सिंह, रणधीर सिंह समेत अन्य जनपद सदस्यों ने सरकार एवं यहां के प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि यह आयोजन सिर्फ दिखावे के लिए है। सरकारी रकम का दुरूपयोग किया जा रहा है। जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को मंच पर जगह नहीं मिल सकती है, फिर यह कैसा आयोजन है। जबकि मंच पर दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता व पार्षद मौैजूद थे। वही सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पाठक ने आयोजन को लेकर कहा कि यहां आदिवासी महिलाओं की कोई पूछ परख नही है। खुले आसमान में हम लोग खड़े हैं। बैठक व्यवस्था ठीक नही है। भाजपा के कार्यकर्ता कुर्सी में बैठे हुये हैं।
