
श्री ज़ेलेंस्की ने कहा कि ज़ैपोरिज्जिया पर हुए हमले में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलें, ज़िरकॉन मिसाइलें और गाइडेड एरियल बम शामिल थे।श्री ज़ेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ज़ैपोरिज्जिया पर रूसी हमले के बाद हालात से निपटने के लिए कल रात से ही आपातकालीन प्रतिक्रिया की कोशिशें जारी हैं। शहर पर उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों, ज़िरकॉन और गाइडेड एरियल बमों से हमला किया गया।” उन्होंने कहा कि यह एक भयानक हमला था, जिसे खास तौर पर आम नागरिक अवसंरचना को ज़्यादा से ज़्यादा नुकसान पहुंचाने के मकसद से किया गया था। हमले के बाद आपातकालीन टीमें हमले वाली जगहों में से एक पर लगी आग बुझाने की कोशिश कर रही थीं।
राष्ट्रपति ने कहा कि कीव में मिसाइल हमले से संक्रामक रोगों के अस्पताल की इमारत और कई कारोबारों को नुकसान पहुंचा है। हमारे मुख्य इलाकों में लगभग हर दिन ड्रोन का आतंक जारी है। रात भर खेरसॉन और खार्किव में सब-स्टेशनों पर हमले हुए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जबकि डोनेट्स्क, निप्रॉपेट्रोव्स्क और मायकोलाइव इलाके भी हमलों की चपेट में आ गए।
श्री ज़ेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन के ख़िलाफ़ 120 से ज़्यादा ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से ज़्यादातर जेट-पावर्ड ‘शहेद’ ड्रोन थे।रूस जो भी कदम उठा रहा है जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल का उत्पादन बढ़ाना, उत्तर कोरिया से हथियार मंगाना और सेना को लामबंद करने की तैयारी करना शामिल है, ये सब दिखाते हैं कि माॅस्को शांति के लिए नहीं बल्कि तनाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। दुनिया को अभी इंतज़ार करने की नहीं ,जवाब देने की ज़रूरत है, । खासकर उन कंपनियों पर और ज़्यादा प्रतिबंधों का दबाव होना चाहिए जो रूस की जंग को बढ़ावा देती हैं और यूक्रेन के लिए ज़्यादा वायु रक्षा मदद की आवश्यकता है। शांति को मौका देने के लिए इन सबकी ज़रूरत है। मैं उन सभी का आभारी हूं जो मदद कर रहे हैं।”
यूक्रेन भी रूस के अंदरूनी इलाकों में भी ड्रोन हमले कर रहा है। रूस के वोरोनिश इलाके में हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए; हमले के दौरान गिरे मलबे से ‘वाइल्डबेरीज़’ के रसद वेयरहाउस में आग लग गई। कंपनी ने बताया कि आग बुझा दी गई है, सामान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और सामान को दूसरे वेयरहाउस में भेज दिया गया है।
इस बीच, रूसी अधिकारियों द्वारा याब्लोको पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के बाद, यूरोपीय आयोग ने विपक्ष के खिलाफ रूस की लगातार हो रही कार्रवाई की निंदा की। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रवक्ता अनीता हिपर ने कहा कि इस कदम से पता चलता है कि माॅस्को असहमति वाली आवाज़ों को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
सुश्री हिपर ने कहा, “इससे यह पता चलता है कि रूस डरा हुआ है क्योंकि उसे हर तरह की असहमति वाली आवाज़ को दबाने की ज़रूरत है। विपक्ष की आवाज़ दबाकर, क्रेमलिन उन आवाज़ों को भी खत्म कर रहा है जो यूक्रेन के खिलाफ़ उसकी गैर-ज़रूरी और आक्रामक जंग की आलोचना कर रही हैं।”
