
शाजापुर, शाजापुर में रविवार रात से हुई तेज बारिश के बाद सोमवार सुबह मां राजराजेश्वरी मंदिर के पास चीलर नदी पर बने पुराने पुल की एक ओर की एप्रोच धंस गई। घटना के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है।
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे और थाना प्रभारी संतोष वाघेला को ज्ञापन सौंपा।
*निर्माण में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप*
कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि नगर में चल रहे फोरलेन निर्माण के दौरान प्राचीन पुल के पास की गई खुदाई और निर्माण कार्य नियमों के विरुद्ध था। इसी वजह से पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
संगठन ने PWD के कार्यपालन यंत्री, एसडीओ, सब-इंजीनियर और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही फोरलेन निर्माण में जगह-जगह सड़क खोदने, मार्ग बंद होने से आमजन और व्यापारियों को परेशानी, गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग और चिन्हित पेड़ों के अलावा अन्य हरे पेड़ काटे जाने के आरोप लगाए। कांग्रेस ने काटी गई लकड़ी का हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की।
*1920 में बना पुल, अब नींव कमजोर*
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीताराम पवैया ने कहा कि अंग्रेजों के समय 1920-25 में बना यह पुल वर्षों से सुरक्षित था। फोरलेन निर्माण के दौरान की गई खुदाई से इसकी नींव कमजोर हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
पवैया ने पुलिस-प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में शाजापुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
