
नीमच। श्रावण मास के पावन अवसर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदसौर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर से नीमच तक भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। करीब 70 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नीमच पहुंचने पर शहर में जगह-जगह कावड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
जूना सतनारायण मंदिर, जयसिंहपुरा रोड के महंत स्व. सीताराम दास जी महाराज एवं उनके शिष्य कन्हैया दास जी महाराज के नेतृत्व में आयोजित यह कावड़ यात्रा इस वर्ष अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर गई। कन्हैया दास जी महाराज ने बताया कि प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में यह यात्रा आयोजित की जाती है।
यात्रा की शुरुआत मंदसौर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में अभिषेक एवं कावड़ में पवित्र जल भरने के बाद हुई। इस वर्ष भी शनिवार को श्रद्धालु मंदसौर पहुंचे। रविवार सुबह भगवान पशुपतिनाथ का अभिषेक करने के बाद अलसुबह कावड़ यात्रा प्रारंभ की गई।
करीब 70 किलोमीटर का सफर तय करते हुए कावड़ यात्रा रविवार शाम नीमच के महू रोड पहुंची, जहां श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई। सोमवार सुबह यात्रा एक बार फिर बाजे-गाजे और डीजे की धुन के साथ रवाना हुई।
कावड़ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जूना सतनारायण मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने कावड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और महाआरती में शामिल हुए। इस दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठा।
श्रावण मास में निकली इस भव्य कावड़ यात्रा से शहर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं और विभिन्न स्थानों पर मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा कर कावड़ यात्रियों का स्वागत किया।
