
भोपाल। मध्यप्रदेश के जेल एवं सुधारात्मक सेवा विभाग की बंदियों के सुधार और पुनर्वास को आध्यात्मिकता से जोड़ने वाली अभिनव पहल को लंदन स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है। इसे प्रदेश की मानवीय और सुधारोन्मुख जेल व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में फरवरी 2026 में इंदौर केंद्रीय जेल में श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं पर आधारित विशेष आध्यात्मिक एवं सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका प्रदेश की सभी जेलों में एक साथ सीधा प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम में 27,733 बंदियों ने एक साथ भाग लिया और प्रसिद्ध गीता प्रवक्ता एवं आध्यात्मिक गुरु ज्ञानानंद जी महाराज का आध्यात्मिक प्रवचन सुना।
इस पहल का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, चरित्र निर्माण को बढ़ावा देना तथा उनके आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक कल्याण को मजबूत करना था। साथ ही, उन्हें सुधार और पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की यह मान्यता मध्यप्रदेश की जेलों को सुरक्षित, संवेदनशील और सुधारोन्मुख संस्थानों के रूप में विकसित करने के प्रयासों को नई पहचान देती है।
