नयी दिल्ली, 09 अगस्त (वार्ता) विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि अगली औद्योगिक क्रांति, जो बायोटेक्नोलॉजी और कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित होगी, उसमें भारत एक अहम भूमिका निभाएगा।उन्होंने कहा कि नयी औदयोगिक क्रान्ति पिछली औद्योगिक क्रांति से अलग होगी, जो IT पर आधारित थी और जिसमें भारत देर से शामिल हुआ था। वह एक मीडिया सम्मेलन में बोलत रहे थे ।
उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास एक खास बायोटेक्नोलॉजी पॉलिसी (बायोई3) है।
उन्होंने कहा,” हमारे पास नेशनल क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन भी हैं, और हमने अंतरिक्ष और अन्य नए क्षेत्रों में तेज़ी से तरक्की की है। उन्होंने बताया कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जो पहले लगभग न के बराबर थी, अब बढ़कर लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई है और अगले आठ से नौ वर्षों में इसके 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
डॉ. सिंह ने कॉन्क्लेव में मीडिया के साथ बातचीत में हिस्सा लिया, जिसमें टेक्नोलॉजी डेवलपर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और अन्य संबंधित लोग शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय भारत का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के तौर पर उभरना, टेक्नोलॉजी में तेज़ी से हो रहे बदलाव, इनोवेशन, प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी और नए क्षेत्रों में उभरते मौके थे। मंत्री ने डिजिटल एप्लायंस अवार्ड्स के विजेताओं को बधाई भी दी।
मंत्री ने कहा कि भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा में बड़ा बदलाव आया है और देश अब कई क्षेत्रों में ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के मुताबिक काम कर रहा है।
