
रीवा, जिले के गढ़ थाना अन्तर्गत मामूली गाली गलौज को लेकर हुए विवाद में एक आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. रात में हुई वारदात के बाद रविवार को परिजन एवं स्थानीय लोगो ने पीएम कराने से इनकार कर दिया. दिन भर चले हंगामे और पुलिस सहित प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद आखिरकार शव को पीएम के लिए भेजा जा सका. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत लालगांव चौकी के क्योटी इलाके की है.
गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडे के मुताबिक मृतक की पहचान 30 वर्षीय संजय कोल के रूप में हुई है. शनिवार रात संजय कोल अपने भतीजे के साथ सडक़ किनारे बैठा हुआ था. इसी दौरान वहाँ से मुख्य आरोपी मोनू मिश्रा और गोलू तिवारी गुजरे. बताया जा रहा है कि आरोपियों को देखकर संजय कोल ने किसी बात पर गाली-गलौज शुरू हो गई इससे नाराज होकर दोनों आरोपियों ने संजय को घेर लिया और लात-घूंसों से उस पर टूट पड़े. हमला इतना बर्बर था कि गंभीर चोटें आने के कारण संजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. खबर फैलते ही सिरमौर में तनाव की स्थिति बन गई. रविवार को अस्पताल परिसर और स्थानीय स्तर पर हंगामा शुरू हो गया. कुछ स्थानीय नेताओं ने मृतक के परिजनों के साथ मिलकर न्याय और मुआवजे की माँग को लेकर मोर्चा खोल दिया. नेताओं और परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और नेताओं को उचित कानूनी कार्रवाई, आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. आश्वासन के बाद दिनभर से चल रहा गतिरोध समाप्त हुआ और परिजन शव के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए.
